Pratima Kushwaha Joins BJP: बिहार विधानसभा चुनाव से पहले राष्ट्रीय जनता दल (राजद) को बड़ा झटका लगा है। आरजेडी महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष प्रतिमा कुशवाहा ने शनिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया। भाजपा में शामिल होने के बाद उन्होंने दावा किया कि राजद में आम कार्यकर्ताओं को उचित सम्मान नहीं मिलता और यह विपक्षी दल गंभीर रूप से आंतरिक मतभेदों में विभाजित है।
प्रतिमा कुशवाहा बीजेपी में हुईं शामिल (फोटो: ट्विटर - @BJP4Bihar)
भाजपा बिहार के ट्विटर हैंडल पर साझा किए गए एक बयान में कहा गया कि आज भाजपा के प्रदेश कार्यालय में अध्यक्ष डॉ. दिलीप जायसवाल ने आरजेडी महिला मोर्चा की पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और स्टार प्रचारक श्रीमती प्रतिमा कुशवाहा को पार्टी की सदस्यता दिलाई। इस मौके पर कहा गया कि यह कदम भाजपा के विचारधारा और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जनता के बढ़ते भरोसे का संकेत है। अब बिहार की महिलाएं जातिवाद और परिवारवाद के बजाय विकास और सुशासन की राजनीति का समर्थन कर रही हैं।
परिवारवाद पर साधा भाजपा अध्यक्ष ने निशाना
भाजपा की प्रदेश इकाई के अध्यक्ष दिलीप जायसवाल ने प्रतिमा कुशवाहा को पार्टी में शामिल कराने के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि राजद और कांग्रेस में वंशवाद और परिवारवाद इतना प्रबल है कि उनके कई नेता खुद को असहाय महसूस कर रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि इसी कारण कई नेता भाजपा का रुख कर रहे हैं। जायसवाल ने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में इस बार राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) बिहार में दो-तिहाई बहुमत के साथ सरकार बनाने में सफल होगा।
पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही- प्रतिमा कुशवाहा
प्रतिमा कुशवाहा ने राजद प्रमुख लालू प्रसाद यादव के कार्यशैली की बात करते हुए कहा कि पार्टी अब पहले जैसी नहीं रही। उनका आरोप था कि राजद में जमीनी स्तर के नेताओं का सम्मान नहीं किया जाता और पार्टी तथा उसका नेतृत्व करने वाला परिवार दोनों ही गहराई से बंट चुके हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उपमुख्यमंत्री रहते हुए तेजस्वी यादव ने युवाओं को रोजगार देने का वादा किया था, लेकिन इसके बजाय पार्टी ने लोगों की जमीनें लेकर नौकरी दी, जिसका इशारा कथित ‘‘जमीन के बदले नौकरी’’ घोटाले की ओर था। तेजस्वी के आरक्षण संबंधी दावों पर कटाक्ष करते हुए कुशवाहा ने कहा कि उन्होंने केवल अपने परिवार को आरक्षण दिया, जबकि असली आरक्षण महिलाओं और पिछड़े वर्गों को राजग सरकार ने प्रदान किया है।
