Bihar Assembly Elections 2025 Kesariya Constituency: केसरिया विधानसभा क्षेत्र पूर्वी चंपारण लोकसभा सीट के तहत आने वाले छह विधानसभा क्षेत्रों में से एक है। यह सीट सामान्य वर्ग के लिए आरक्षित सीट है और इसकी स्थापना 1951 में हुई थी। 2008 में परिसीमन के बाद इस क्षेत्र का पुनर्गठन किया गया, जिसके तहत केसरिया प्रखंड, संग्रामपुर प्रखंड के कुछ हिस्से और कल्याणपुर प्रखंड के कुछ भाग इसमें शामिल किए गए। केसरिया का नाम केसरिया स्तूप के लिए प्रसिद्ध है, जिसे दुनिया का सबसे ऊंचा और प्राचीनतम बौद्ध स्तूप माना जाता है।
केसरिया विधानसभा चुनाव 2025
इस सीट पर चुनाव का इतिहास
1951 में हुए चुनाव में यहां कांग्रेस की पार्वती गुप्ता विजयी रहीं थीं। 1951 से अब तक केसरिया में 17 बार विधानसभा चुनाव हो चुके हैं और इसमें सबसे ज्यादा बार भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (CPI) ने छह बार, जबकि कांग्रेस ने चार बार जीत दर्ज की है। जनता दल (यूनाइटेड) ने अब तक तीन बार जीत हासिल की है। राष्ट्रीय जनता दल (RJD) ने दो बार, जबकि जनता पार्टी और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक-एक बार जीत हासिल की है। 2015 में यहां आरजेडी के डॉ. राजेश विजयी रहे थे जबकि 2020 में जदयू की शालिनी मिश्रा ने परचम लहराया था।
14 नवंबर को चुनाव नतीजे
बता दें कि बिहार की सभी 243 सीट पर दो चरणों में चुनाव होंगे। पहले चरण के लिए 6 नवंबर को और दूसरे चरण के लिए 11 नवंबर को वोटिंग होगी। वहीं, चुनाव के नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे। चुनाव को लेकर आयोग ने तमाम तैयारियां पूरी कर ली हैं। चुनाव नतीजे 14 नवंबर को जारी किए जाएंगे।
कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़
सीईसी ज्ञानेश कुमार ने जानकारी दी कि बिहार में कुल मतदाताओं की संख्या लगभग 7.43 करोड़ है। इनमें लगभग 3.92 करोड़ पुरुष और करीब 3.50 महिला मतदाता हैं। उन्होंने बताया कि 1,725 थर्ड जेंडर मतदाता हैं। करीब 7.2 लाख दिव्यांग मतदाता, 4.04 लाख 85 वर्ष से अधिक उम्र के वरिष्ठ नागरिक भी वोटर सूची में हैं, जबकि 100 साल के अधिक उम्र की मतदाताओं की संख्या 14 हजार है। फर्स्ट टाइम वोटर लगभग 14 लाख हैं।
