Hasanpur Assembly Elections 2025: हसनपुर की सियासी रणभूमि में आरजेडी-जेडीयू फिर आए आमने-सामने, जानें क्या है इस विधानसभा सीट का समीकरण और चुनावी अपडेट

Hasanpur Assembly Election 2025: हसनपुर विधानसभा सीट, समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में स्थित है और खगड़िया लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है। यह क्षेत्र लंबे समय से आरजेडी और जेडीयू के बीच राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र रहा है। 2020 में तेज प्रताप यादव की उम्मीदवारी ने इसे राज्य की राजनीति में खास पहचान दिलाई। ऐसे में आइए जानते हैं इस सीट का चुनावी हाल।

Hasanpur Assembly Election 2025: बिहार की 243 विधानसभा सीटों में से एक हसनपुर, समस्तीपुर जिले के रोसड़ा अनुमंडल में स्थित है और खगड़िया लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आता है। यहां पहले चरण की वोटिंग 6 नवंबर को निर्धारित है, जबकि मतगणना 14 नवंबर को होगी। हसनपुर को 1967 में विधानसभा क्षेत्र का दर्जा मिला। वर्ष 2000 के बाद से यह सीट राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) और जनता दल यूनाइटेड (जेडीयू) के बीच सीधी राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का केंद्र बन गई। हालांकि, यह क्षेत्र तब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में आया जब 2020 के चुनाव में आरजेडी प्रमुख लालू प्रसाद यादव के बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को यहां से उम्मीदवार बनाया गया। इससे पहले वे महुआ सीट से विधायक रह चुके थे, जहां उन्होंने 2015 में 21 हजार से अधिक वोटों के अंतर से जीत दर्ज की थी। तेज प्रताप के लिए एक मजबूत और सुरक्षित सीट की तलाश में हसनपुर को चुना गया, क्योंकि यहां यादव समुदाय की आबादी लगभग 30 प्रतिशत है। 2020 के चुनाव में तेज प्रताप ने जेडीयू के प्रत्याशी राजकुमार राय को 21,139 वोटों के अंतर से हराया। उन्हें कुल 80,991 वोट मिले, जबकि राजकुमार राय को 59,852 वोट प्राप्त हुए। यादव और मुस्लिम मतदाताओं के समर्थन ने तेज प्रताप की जीत को सुनिश्चित किया। हसनपुर एक ग्रामीण क्षेत्र है, जहां की अधिकांश जनसंख्या कृषि पर निर्भर करती है। कमला और बूढ़ी गंडक नदियों की उपस्थिति के कारण यहां की मिट्टी अत्यंत उपजाऊ मानी जाती है, जो खेती के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है।

Hasanpur Assembly Elections 2025

हसनपुर विधानसभा चुनाव 2025

आरजेडी और जेडीयू आमने-सामने

हसनपुर विधानसभा सीट, जो खगड़िया लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा है, लंबे समय से राजनीतिक संघर्ष और सिद्धांतों की टकराहट का केंद्र रही है। यह क्षेत्र लालू प्रसाद यादव के परिवार की चुनावी रणनीतियों के लिए भी एक अहम प्रयोगशाला साबित हुआ है। आगामी चुनाव में यहां का मुकाबला खासा दिलचस्प होने की संभावना है, क्योंकि एक बार फिर आरजेडी और जेडीयू आमने-सामने हैं। इस बार की चुनावी तस्वीर को और रोचक बना रहा है तेज प्रताप यादव का नया राजनीतिक कदम। आरजेडी से बाहर किए जाने के बाद उन्होंने अपनी अलग पार्टी बना ली है, जिससे हसनपुर में कई अप्रत्याशित मोड़ देखने को मिल सकते हैं। ऐसे में यह सीट न सिर्फ स्थानीय राजनीति बल्कि राज्यस्तरीय समीकरणों के लिहाज से भी खास महत्व रखती है।

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