Bihar Election 2025: किशनगंज जिले में स्थित बहादुरगंज विधानसभा सीट अररिया लोकसभा क्षेत्र के अंतर्गत आती है। सीमांचल का यह इलाका मुस्लिम बहुल माना जाता है और यहां की राजनीति पर समुदाय विशेष का गहरा असर है। 2020 के आंकड़ों के अनुसार, इस सीट पर लगभग 66 फीसदी मतदाता मुस्लिम समुदाय से हैं, यही कारण है कि यहां का हर चुनाव धार्मिक और सामाजिक समीकरणों से प्रभावित रहता है।
पढ़ें बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र की राजनीतक समीकरण।(फोटो सोर्स: टाइम्स नाउ डिजिटल)
कांग्रेस का रहा दबदबा
अब तक इस सीट पर 16 विधानसभा चुनाव हो चुके हैं। लंबे समय तक कांग्रेस का इस क्षेत्र में दबदबा रहा और उसने 10 बार जीत दर्ज की। लेकिन हाल के वर्षों में राजनीतिक माहौल बदल गया है। 2020 में एआईएमआईएम (AIMIM) के उम्मीदवार मोहम्मद अंजर नयमी ने करीब 50 फीसदी वोट पाकर कांग्रेस को कड़ी टक्कर दी और शानदार जीत हासिल की।
2025 में टक्कर रोमांचक
वर्तमान में यह सीट कांग्रेस, एआईएमआईएम, बीजेपी और वीआईपी पार्टी के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। 2025 के विधानसभा चुनाव में इस सीट पर मुकाबला दिलचस्प रहने वाला है। महागठबंधन के भीतर सीट बंटवारे को लेकर मतभेद और खींचतान की संभावना जताई जा रही है, क्योंकि कांग्रेस और एआईएमआईएम दोनों ही इसे अपना पारंपरिक गढ़ मानते हैं।
सीमांचल की राजनीति में बहादुरगंज की भूमिका
बहादुरगंज सीट का चुनावी परिणाम केवल स्थानीय ही नहीं, बल्कि सीमांचल की राजनीति की दिशा भी तय करेगा। यहां का वोट पैटर्न और जनमत 2025 के बिहार चुनाव में क्षेत्रीय समीकरणों पर गहरा असर डाल सकता है।
