ननद vs भौजाई: कितनी दिलचस्प है सुप्रिया सुले और सुनेत्रा पवार की जंग? जानें बारामती सीट का चुनावी इतिहास

History of Baramati: महाराष्ट्र की बारामती सीट का इतिहास बड़ा ही रोचक है। उपचुनाव समेत कुल 20 बार हुए लोकसभा चुनाव में अब तक भाजपा को एक बार भी इस सीट से जीत नसीब नहीं हुई है। इस सीट पर पवार परिवार का लंबे वक्त से कब्जा है। यहां इस बार भौजाई बनाम ननद की जंग देखी जा रही है।

Lok Sabha Chunav: महाराष्ट्र की बारामती सीट पर सियासी सरगर्मी अब परवान चढ़ चुकी है। अब तक सियासत में चाचा-भतीजे की लड़ाई काफी मशहूर रही है, लेकिन इस बार के लोकसभा चुनाव में ननद और भौजाई के बीच जंग देखने को मिल रही है। एक ही परिवार के दो सदस्य इस सीट से चुनावी मैदान में हैं। एक शरद पवार की बेटी हैं, तो दूसरी उनकी बहू हैं। ये मुकाबला सुप्रिया सुले और उनकी भाभी सुनेत्रा पवार के बीच हो रहा है।

Baramati Bhabhi Sunetra Pawar vs Nanad Supriya Sule

बारामती सीट पर भाभी बनाम ननद की लड़ाई।

बड़ा रोचक है बारामती सीट का इतिहास

महाराष्ट्र की वो सीट जहां अब तक भारतीय जनता पार्टी का खाता तक नहीं खुल पाया है। बारामती लोकसभा सीट के लिए अब तक 4 बार हुए उपचुनाव समेत कुछ 20 बार चुनाव हो चुके हैं। इस सीट पर सबसे अधिक बार सांसद बनने का रिकॉर्ड शरद पवार के नाम पर दर्ज है, वो छह बार इस सीट से सांसद चुने जा चुके हैं। उनकी बेटी सुप्रिया सुले इस सीट से लगातार तीन बार से सांसद चुनी जा रही हैं। वहीं इस सीट पर वर्ष 1991 में उनके भतीजे अजित पवार ने चुनाव जीता था। हालांकि उन्होंने इसके बाद इस्तीफा दे दिया था और उपचुनाव में शरद पवार सांसद चुने गए थे। बता दें, बारामती लोकसभा सीट 1957 में अस्तित्व में आया था। यहां हुए पहले लोकसभा चुनाव में कांग्रेस के केशवराव जेधे ने जीत हासिल की थी।

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