Bengal Election 2026: आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पश्चिम बंगाल की राजनीति में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। भाजपा और टीएमसी के बीच मुकाबला और भी दिलचस्प हो गया है। इस बीच टाइम्स नाउ नवभारत से एक्सक्लूसिव बातचीत में हुमायूं कबीर ने चुनाव नतीजों के बाद अपने भविष्य को लेकर बड़ा खुलासा किया है। साथ ही उन्होंने ममता बनर्जी और टीएमसी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। इस दौरान बंगाल के चुनावी माहौल और हालिया मालदा हिंसा पर भी तीखी चर्चा हुई।
हुमायूं कबीर। तस्वीर-Facebook
मालदा हिंसा पर ममता बनर्जी को घेरा
टाइम्स नाउ नवभारत के सुमित अवस्थी ने हुमायूं कबीर से बातचीत की शुरुआत मालदा हिंसा से की। जब उनसे पूछा गया कि बीते दो दिनों से मालदा की सिचुएशन पर देश भर में हंगामा है। जो कुछ हुआ मालदा में उसके लिए कौन जिम्मेदार है? इस पर हुमायूं कबीर ने साफ कहा कि ममता बनर्जी इस हिंसा की जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा कि ममता अभी भी मुख्यमंत्री और पुलिस मंत्री हैं। कानून-व्यवस्था संभाल नहीं पा रहीं तो इस्तीफा दे दें।
‘मास्टरमाइंड’ मुफीजुल इस्लाम पर सवाल, AIMIM लिंक से पल्ला झाड़ा
आगे जब उनसे कहा गया कि मालदा हिंसा का आरोपी मुफीजुल इस्लाम AIMIM से जुड़ा नेता है और वह एमआईएम के टिकट पे चुनाव लड़ चुका। उसको बागडोगरा से सीआईडी ने उठाया। अब यह इल्जाम आप पर और आपके अलायंस पर लग रहा है कि आप लोगों ने मालदा की सिचुएशन खराब की। चुनाव आयोग के अधिकारियों के साथ आप लोगों ने बदतमीजी की।
SIR प्रक्रिया और मुसलमानों की दिक्कतों पर निशाना
इस बातचीत के दौरान कबीर ने चुनाव आयोग की चल रही SIR प्रक्रिया को गलत करार दिया। उन्होंने दावा किया कि इतने बड़े राज्य में इसे गलत तरीके से लागू किया जा रहा है और मुसलमान सबसे ज्यादा प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने ममता बनर्जी पर भी हमला बोला उन्होंने कहा कि वे कहती हैं SIR नहीं मानेंगी, लेकिन उन्हीं ने 80,000 बीएलओ की नियुक्ति कर इसे लागू कराया।‘मैं बनूंगा बंगाल का मुख्यमंत्री’, 130 सीटों का दावा
वार्ता के दौरान हुमायुं कबीर ने साफ कहा कि वे ही बंगाल के अगले मुख्यमंत्री बनेंगे। ओवैसी भी यही चाहते हैं। उन्होंने दावा किया कि उनकी पार्टी 130 सीट जीतकर सबसे बड़ी पार्टी बनेगी, जबकि भाजपा 100 से कम सीटों पर रुक जाएगी। वहीं, उन्होंने संभावना जताते हुए कहा कि इन चुनावों में टीएमसी 70 से नीचे चली जाएगी। उन्होंने अभिषेक बनर्जी को दो सीटों से 50,000 से अधिक वोटों से हराने का दावा भी किया और मुर्शिदाबाद में टीएमसी का ‘सूपड़ा साफ’ करने की बात कही।
कुर्सी के लिए BJP–TMC दोनों से समर्थन लेने को तैयार
जब पूछा गया कि अगर बहुमत नहीं मिला तो क्या वे BJP को सपोर्ट करेंगे? इस पर कबीर ने कहा कि हम किसी को समर्थन नहीं देंगे। बल्कि सरकार बनाने के लिए दूसरों से समर्थन लेंगे। उन्होंने नीतीश कुमार का उदाहरण देते हुए कहा कि जो भी लिखित समर्थन देगा, वे उसी के सहारे सरकार बनाएंगे, चाहे BJP हो या TMC।
अंतिम सवाल पर भागे कबीर, बोले- दादा हम पारबो ना
वहीं, जब उनसे पूछा गया कि चुनाव के बाद वे बीजेपी या टीएमसी में से किसका समर्थन करेंगे, तो हुमायूं कबीर ने स्पष्ट जवाब देने से परहेज किया। उन्होंने बस इतना कहा कि 4 मई के बाद जो भी उन्हें कुर्सी के लिए समर्थन देगा, वे उसी के साथ जाएंगे। वहीं, जब जोर देकर उनसे पूछा गया कि 4 मई के बाद उनका मेन 'दुश्मन' कौन होगा, तो हुमायूं कबीर बार-बार टालते रहे और फिर अचानक बंगाली में 'दादा, हम पारबो ना' (मैं यह नहीं कह सकता) बोलकर बीच में ही छोड़कर चले गए।
