Who Is DUSU New President Deepanshu Shokeen: दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ चुनाव का रिजल्ट आ गया है। Zen-Z ने एक बार फिर दिल्ली विश्वविद्यालय के रण में एबीवीपी का डंका बजा दिया है। एबीवीपी ने मुख्य चार में से 3 पदों पर एकतरफा कब्जा जमा लिया है। यहां अध्यक्ष पद पर ABVP के यश डबास ने NSUI के विजय मीणा को हराकर जीत दर्ज की। यश डबास को कुल 24,576 वोट मिले, जबकि विजय मीणा के खाते में 22,523 वोट आए। सचिव पद पर ABVP की रिया छावड़ी ने जीत दर्ज की। उन्हें कुल 21,650 वोट मिले, जबकि NSUI की नम्रता चौधरी को 14,869 वोट हासिल हुए। संयुक्त सचिव पद पर भी ABVP के लक्ष्य राज सिंह ने जीत हासिल की। वहीं इस बीच उपाध्यक्ष पद पर निर्दलीय उम्मीदवार दीपांशु शौकीन ने बड़ी जीत दर्ज की है। उन्होंने एबीवीपी के ईशु मौर्य और NSUI के वीर चतरथ को 30615 वोटों से हरा दिया है।
कौन हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए उपाध्यक्ष दीपांशु शौकीन (AI Generated/Verified By Newsroom)
कौन हैं दिल्ली यूनिवर्सिटी के नए VP दीपांशु शौकीन
बता दें दिल्ली यूनिवर्सिटी स्टूडेंट यूनियन (DUSU) चुनाव के दूसरे उम्मीदवार प्रचार के लिए गाड़ियों के काफिले के साथ आए थे लेकिन दीपांशु नंगे पैर आए। 21 साल के दीपांशु के पिता DTC बस में कंडक्टर हैं और मां आंगनवाड़ी टीचर हैं। उन्होंने छात्रों के रहने की समस्या को उजागर करने के लिए जूते न पहनने का संकल्प लिया था। यह संकल्प उन्होंने तब लिया था जब सत्य निकेतन में पीजी हॉस्टल की एक इमारत ढहने से सात लोगों की मौत हो गई थी, जिनमें से पांच दिल्ली यूनिवर्सिटी के छात्र थे।
इस कॉलेज से मास्टर्स कर रहे हैं शौकीन
दीपांशु शौकीन पश्चिमी दिल्ली के पीरागढ़ी गांव के रहने वाले हैं। छात्र के तौर पर बिताए चार सालों ने ही उन्हें छात्र राजनीति में आने का फैसला लेने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने शहीद भगत सिंह कॉलेज से बीए प्रोग्राम की पढ़ाई पूरी की है। फिलहाल वह दिल्ली विश्वविद्यालय के फैकल्टी ऑफ आर्ट्स से बुद्धिस्ट स्टडीज में मास्टर्स कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि वह UPSC की तैयारी कर चुके हैं।
चुनाव से कुछ दिन पहले छोड़ा NSUI
NSUI से जुड़े सूत्रों के अनुसार, चुनाव से कुछ दिन पहले शौकीन ने संगठन छोड़ दिया था। बताया गया कि उनसे अध्यक्ष पद का चुनाव लड़ने के लिए कहा गया था। हालांकि, शौकीन का कहना था कि उन्हें एनएसयूआई की ओर से चुनाव लड़ने के लिए टिकट नहीं दिया गया था। शौकीन वर्ष 2023 से छात्र राजनीति में सक्रिय हैं। वह अपने कॉलेज में छात्र प्रतिनिधि की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उन्होंने 2023 और 2024 के छात्र संघ चुनावों में एनएसयूआई के उम्मीदवारों के लिए प्रचार किया था। वर्ष 2025 में उन्होंने संगठन से टिकट मांगा, लेकिन उनका चयन नहीं हुआ। इस साल भी टिकट नहीं मिलने के बाद शौकीन ने निर्दलीय उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला किया।
