Education News in Hindi: वर्ष 2025 में शुरू हो रहे शैक्षणिक सत्र के लिए 101 भारतीय विद्यार्थियों (50 छात्राएं) को यूरोप में दो वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए प्रतिष्ठित ‘इरास्मस +’(इरास्मस प्लस) छात्रवृत्ति’ प्रदान की गई है। भाषा एजेंसी पर मौजूद इस खबर में लिखा है कि ये जानकारी संबंधित अधिकारियों ने दी है। वर्ष 1987 में शुरू किया गया ‘इरास्मस प्लस’ कार्यक्रम विश्वविद्यालय के छात्रों के लिए ‘यूरोपीय क्षेत्र कार्रवाई योजना’ का हिस्सा है। यह अंतरराष्ट्रीय गतिशीलता और शैक्षणिक आदान-प्रदान के लिए यूरोपीय संघ (ईयू) की प्रमुख पहल है।
यूरोप में 101 भारतीय छात्र-छात्राओं को मिली ‘इरास्मस प्लस' छात्रवृत्ति (image - canva)
भारत में यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 7 जुलाई को एक बयान में कहा, ‘‘50 छात्राओं सहित 101 भारतीय विद्यार्थियों को 2025 से शुरू होने वाले शैक्षणिक वर्ष के लिए यूरोप में दो वर्षीय परास्नातक पाठ्यक्रम के लिए प्रतिष्ठित ‘इरास्मस+’ छात्रवृत्ति प्रदान की गई है।’’
बयान के मुताबिक, ‘इरास्मस प्लस’ छात्र आमतौर पर कम से कम दो यूरोपीय विश्वविद्यालयों में अध्ययन करते हैं और एक संयुक्त, दोहरी या एकाधिक डिग्री प्राप्त करते हैं।’’
छात्रवृत्ति में शामिल है ट्यूशन शुल्क, यात्रा और रहने का खर्च
बयान में कहा गया है कि छात्रवृत्ति में ट्यूशन शुल्क, यात्रा और रहने का खर्च शामिल है, जिससे प्राप्तकर्ताओं को अपनी शैक्षणिक और व्यावसायिक गतिविधियों को बढ़ाने का एक अनूठा अवसर मिलता है।
ये छात्रवृत्ति प्राप्तकर्ता जल्द ही कई देशों और विषयों में अपनी स्नातकोत्तर डिग्री हासिल करने के लिए यूरोप के लिए रवाना होंगे।
छात्रों को बधाई देते हुए भारत में यूरोपीय संघ के राजदूत हर्वे डेल्फिन ने कहा, ‘‘6,000 से अधिक भारतीय छात्रों और विद्वानों के लिए इसने यूरोप के शीर्ष विश्वविद्यालयों और इसकी अविश्वसनीय रूप से विविध संस्कृतियों के लिए दरवाजे खोल दिए हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘90,000 से अधिक भारतीय छात्र यूरोप में अध्ययन कर रहे हैं, जो यूरोप की पेशकश के प्रति विश्वास और उत्साह का स्पष्ट संकेत है। ये छात्र गुणवत्ता, विविधता और कम लागत के कारण यूरोप को चुन रहे हैं। यह दर्शाता है कि यूरोप ने उच्च शिक्षा के लिए शीर्ष वैश्विक गंतव्यों में से एक के रूप में अपना स्थान क्यों अर्जित किया है।’’
(भाषा इनपुट के साथ)
