UP Free Tablet Scheme: मंगलवार शाम लोकभवन में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आयोजित कैबिनेट की बैठक में कई प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की गई। बैठक में कुल 37 मद पारित किए गए। इसमें 11 अगस्त से विधानसभा के मॉनसून सत्र की शुरुआत का भी निर्णय लिया गया। इसी बैठक में युवाओं को स्मार्टफोन की जगह ज्यादा फीचर्स वाले अत्याधुनिक टैबलेट वितरित करने का प्रस्ताव पास किया गया।
UP CM Yogi Adityanath in Cabinet Meeting (Photo: UP Govt.)
बता दें कि स्वामी विवेकानन्द युवा सशक्तीकरण योजना के तहत अब प्रदेश के युवाओं को स्मार्टफोन की जगह टैबलेट वितरित किए जाएंगे। योगी कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि तकनीकी रूप से युवाओं को अधिक सक्षम बनाने के लिए सभी लाभार्थियों को अब टैबलेट ही वितरित किए जाएं। यह योजना पांच वर्षों तक लागू रहेगी। वित्तीय वर्ष 2025-26 हेतु 2000 करोड़ रुपये का बजटीय प्रावधान किया गया है। इसमें केंद्र सरकार पर कोई व्यय भार नहीं होगा।
औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी ने बताया कि टैबलेट की बड़ी स्क्रीन, बेहतर बैटरी, मल्टीटास्किंग क्षमता और प्रोडक्टिविटी ऐप्स (जैसे वर्ड, एक्सेल, गूगल शीट्स आदि) की सुगमता से योजना के शैक्षिक उद्देश्य बेहतर तरीके से पूरे हो सकेंगे। टैबलेट का उपयोग शैक्षिक पाठ्यक्रमों की तैयारी, सरकारी/निजी रोजगार, और स्वरोजगार के अवसरों में भी सहायक होगा।
यूपी के 121 पॉलीटेक्निक संस्थानों का होगा कायाकल्प
योगी सरकार ने प्रदेश के डिप्लोमा सेक्टर में तकनीकी शिक्षा को उद्योगों की मांग के अनुरूप उन्नत बनाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। टाटा टेक्नोलॉजी लिमिटेड (TTL) के सहयोग से राज्य के 121 राजकीय पॉलीटेक्निक संस्थानों में "टाटा टेक्नोलॉजी एक्सीलेंस सेंटर" की स्थापना कर उनका कायाकल्प किया जाएगा।इस प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने स्वीकृत कर लिया। परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹6935.86 करोड़ है, जिसमें से ₹6034.20 करोड़ टीटीएल वहन करेगा, जबकि ₹1063.96 करोड़ राज्य सरकार द्वारा खर्च किए जाएंगे। इसके अतिरिक्त, इन्फ्रास्ट्रक्चर विकास और मूलभूत सुविधाओं की स्थापना के लिए राज्य सरकार ₹858.11 करोड़ का अतिरिक्त व्यय करेगी। पहले चरण में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में 45 पॉलीटेक्निक संस्थानों को अपग्रेड किया जाएगा।
