UP School Closed Schools will remain closed due to Kanwar yatra 2025: सावन माह में होने वाली पवित्र कांवड़ यात्रा के चलते उत्तर प्रदेश के कई जिलों में 16 जुलाई से स्कूल बंद करने का फैसला किया गया है। कांवड़ यात्रा 2025 के दौरान मेरठ और मुजफ्फरनगर में भारी भीड़ और यातायात अवरोध की स्थिति को देखते हुए स्कूल बंद किए गए हैं। मेरठ सहित यूपी के इन जिलों में 23 जुलाई तक स्कूल बंद रहेंगे। संबंधित जिलों के जिलाधिकारियों ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिए हैं।
UP School Closed due to Kanwar Yatra (Photo: PTI)
Meerut School Holiday: मेरठ में स्कूल बंद
मेरठ डीएम डॉ. वी.के. सिंह ने आदेश जारी किया है कि कांवड़ यात्रा के मद्देनजर 16 से 23 जुलाई तक सभी मान्यता प्राप्त स्कूलों—सरकारी, प्राइवेट, यूपी बोर्ड, सीबीएसई और आईसीएसई—में अवकाश रहेगा। यह फैसला यात्रा के दौरान संभावित तनाव और भीड़ को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। 24 जुलाई से स्कूल सामान्य रूप से खुलेंगे। डीएम ने चेतावनी दी है कि यदि कोई विद्यालय आदेश का उल्लंघन करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Muzaffarnagar School Closed: मुजफ्फरनगर में स्कूल बंद
के जिलाधिकारी ने कांवड़ यात्रा को देखते हुए जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में 16 से 23 जुलाई तक अवकाश घोषित कर दिया है। डीएम के निर्देश पर जिला विद्यालय निरीक्षक (DIOS) राजेश कुमार ने परिषदीय, माध्यमिक, डिग्री और तकनीकी बोर्ड की सभी शिक्षण संस्थाओं को आदेश जारी किए हैं। यह आदेश यूपी, सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से मान्यता प्राप्त स्कूलों पर भी लागू होगा। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि यदि कोई भी सरकारी या गैर सरकारी विद्यालय इन निर्देशों का उल्लंघन करते हुए खुला पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
Ghaziabad School Closed: गाजियाबाद में स्कूल बंद
गाजियाबाद के जिलाधिकारी के आदेश अनुसार कांवड़ यात्रा और शिवरात्रि को ध्यान में रखते हुए जिले के सभी स्कूल और कॉलेज 17 से 23 जुलाई तक बंद रहेंगे। वहीं, मेरठ रोड के आसपास स्थित स्कूलों ने 16 जुलाई से ही छुट्टियां घोषित कर दी हैं। इन स्कूलों ने अभिभावकों को वॉट्सऐप के माध्यम से सूचित किया है कि कांवड़ यात्रा के कारण स्कूल बंद रहेंगे और इस अवधि में पढ़ाई ऑनलाइन माध्यम से कराई जाएगी। प्रशासन ने सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया है ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को कोई असुविधा न हो।
