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UP Police Recruitment 2025: इलाहाबाद हाई कोर्ट के निर्देश पर दोबारा होगी शारीरिक माप और मेडिकल जांच, जानें पूरी डिटेल

UP Police Recruitment 2025: यूपी सिपाही और होमगार्ड भर्ती 2025 में जिन उम्मीदवारों को मेडिकल टेस्ट के दौरान अयोग्य घोषित किया गया था, हाई कोर्ट के आदेश के बाद उनका दोबारा मेडिकल टेस्ट किया जाएगा। इससे कई उम्मीदवारों को राहत मिली है।

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UP Police Recruitment 2025 (Photo - AI/Newsroom Verified)

UP Police Recruitment 2025: उत्तर प्रदेश में पुलिस सिपाही व होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के लिए इलाहाबाद हाई कोर्ट (Allahabad High Court) ने एक बहुत ही बड़ा और राहत भरा फैसला सुनाया है। हाई कोर्ट ने पुलिस सिपाही भर्ती-2025 और होमगार्ड भर्ती-2025 के दौरान शारीरिक माप में अयोग्य घोषित किए गए कुछ खास श्रेणियों के उम्मीदवारों को एक और मौका देने का निर्देश दिया है। अदालत के इस ऐतिहासिक फैसले से उन हजारों युवाओं के चेहरे पर फिर से उम्मीद की किरण जाग गई है, जो अपनी लंबाई या सीने की माप में मामूली अंतर के कारण बाहर हो गए थे। आइए जानते हैं कि इस मामले में कोर्ट का पूरा फैसला क्या है और किन अभ्यर्थियों को इसका लाभ मिलेगा।

हाई कोर्ट का आदेश

इलाहाबाद हाई कोर्ट ने चार श्रेणियों के ऐसे अभ्यर्थियों की लंबाई और सीने की माप दोबारा कराने के लिए एक स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड का गठन करने का निर्देश दिया है। बता दें कि कोर्ट के इस महत्वपूर्ण फैसले के बाद अयोग्य घोषित हुए उम्मीदवारों के लिए शारीरिक और मेडिकल जांच आगामी 31 अक्टूबर 2026 को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ में संपन्न होगी।

याचियों की दलील और कोर्ट का रुख

सुनवाई के दौरान याचियों ने कोर्ट के समक्ष दलील दी कि वे इससे पहले भी पुलिस और होमगार्ड विभाग की शारीरिक दक्षता संबंधी विभिन्न परीक्षाओं व जांचों में शामिल हो चुके हैं। उस समय वे बोर्ड द्वारा निर्धारित सभी मानकों के बिल्कुल अनुरूप पाए गए थे। इसके बावजूद वर्तमान भर्ती प्रक्रिया में उन्हें अचानक अयोग्य घोषित कर दिया गया, जिससे उनके भविष्य पर संकट खड़ा हो गया था। दूसरी ओर, अदालत ने स्पष्ट किया कि जिन अभ्यर्थियों की माप पहले ही दो अलग-अलग अवसरों पर एक समान आई थी और उन्होंने केवल निजी चिकित्सकों के प्रमाण पत्रों के आधार पर दोबारा जांच की मांग की थी, उनकी याचिकाओं को अदालत ने खारिज कर दिया है। कोर्ट का यह स्पष्ट संदेश है कि पारदर्शिता और निष्पक्षता बनाए रखते हुए केवल प्रामाणिक और योग्य मामलों में ही स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड के जरिए अंतिम परीक्षण किया जाएगा।

अभ्यर्थियों के लिए जरूरी निर्देश और सलाह

जिन अभ्यर्थियों की माप 31 अक्टूबर 2026 को किंग जॉर्ज चिकित्सा विश्वविद्यालय (KGMU), लखनऊ में निर्धारित की गई है, वे समय से पहले सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ केंद्र पर उपस्थित हों। अपने साथ पिछले एडमिट कार्ड, पहचान पत्र (आधार कार्ड/वोटर आईडी) और भर्ती बोर्ड द्वारा जारी किए गए अस्वीकृति पत्र की मूल कॉपी साथ रखें। इस प्रकार के स्वतंत्र मेडिकल बोर्ड के फैसले अंतिम और सर्वमान्य होते हैं, इसलिए अभ्यर्थियों को पूरी तरह से तय मानकों और नियमों का पालन करना चाहिए।

Varsha Kushwaha
वर्षा कुशवाहाauthor

वर्षा कुशवाहा टाइम्स नाउ नवभारत डिजिटल की एजुकेशन डेस्क पर बतौर कॉपी एडिटर कार्यरत हैं और पिछले 5 वर्षों से मीडिया में सक्रिय हैं। जर्नलिज़्म में पोस्ट ग्रेजुएशन डिप्लोमा पूरा करने के बाद उन्होंने न्यूज रूम में तेजी, सटीकता और गहराई के साथ काम करते हुए अपनी मजबूत संपादकीय पहचान बनाई है। वर्षा की विशेषज्ञता हाइपर-लोकल खबरों, इवेंट कवरेज और स्टेट पॉलिटिक्स से जुड़ी रिपोर्टिंग में भी है। अब तक वर्षा कुशवाहा 8,000 से अधिक खबरें लिख चुकी हैं, जिनमें कई अहम लोकल रिपोर्ट्स, एजुकेशन और करियर की खबरें तथा फीचर-आधारित स्टोरीज शामिल हैं।

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