RRB Group D Vacancy, How to Get RRB Group D Naukri: रेलवे में नौकरी करने का सपना हर साल लाखों युवा देखते हैं। इनमें सबसे ज्यादा लोकप्रिय भर्तियों में से एक है रेलवे ग्रुप डी भर्ती। इस भर्ती के जरिए ट्रैक मेंटेनर, प्वाइंट्समैन, असिस्टेंट, हेल्पर और अन्य लेवल-1 के पदों पर नियुक्ति की जाती है। लेकिन कई उम्मीदवारों के मन में सवाल रहता है कि आखिर रेलवे ग्रुप डी में चयन कैसे होता है और किन-किन चरणों से गुजरना पड़ता है। अगर आप भी रेलवे ग्रुप डी की तैयारी कर रहे हैं, या आगे इस क्षेत्र में जाने की सोच सकते हैं, तो सबसे पहले इसकी पूरी चयन प्रक्रिया समझना जरूरी है, क्योंकि जो उम्मीदवार पहले से तैयारी लेकर चलेगा, उसके सेलेक्शन के अवसर बढ़ जाएंगे।
रेलवे ग्रुप डी की नौकरी में कैसे होता है सेलेक्शन? (Image - chatGPT)
पहला चरण: कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT)
रेलवे ग्रुप डी भर्ती की शुरुआत कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) से होती है। यह ऑनलाइन परीक्षा होती है, जिसमें उम्मीदवारों से कुल 100 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाते हैं। परीक्षा के लिए 90 मिनट का समय दिया जाता है।
इस परीक्षा में गणित, सामान्य विज्ञान, रीजनिंग, सामान्य ज्ञान और करंट अफेयर्स से जुड़े सवाल पूछे जाते हैं। हर सही उत्तर पर अंक मिलते हैं, जबकि गलत उत्तर देने पर एक-तिहाई अंक काट लिए जाते हैं। इसलिए उत्तर सोच-समझकर देना जरूरी होता है।
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दूसरा चरण: शारीरिक दक्षता परीक्षा (PET)
सीबीटी में सफल होने वाले उम्मीदवारों को शारीरिक दक्षता परीक्षा (Physical Efficiency Test) के लिए बुलाया जाता है। इसमें कोई लिखित परीक्षा नहीं होती, बल्कि उम्मीदवार की शारीरिक क्षमता की जांच की जाती है।
पुरुष उम्मीदवारों को निर्धारित समय में वजन उठाकर एक निश्चित दूरी तय करनी होती है। इसके अलावा उन्हें तय समय में दौड़ भी पूरी करनी होती है। वहीं महिला उम्मीदवारों के लिए भी अलग मानक तय किए गए हैं। इस चरण में केवल पास या फेल किया जाता है, इसके अंक मेरिट में नहीं जुड़ते।
तीसरा चरण: दस्तावेजों की जांच (Document Verification)
शारीरिक परीक्षा पास करने वाले उम्मीदवारों को दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाया जाता है। इस दौरान शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्म तिथि, पहचान पत्र, जाति प्रमाण पत्र (यदि लागू हो), निवास प्रमाण पत्र और अन्य जरूरी दस्तावेजों की जांच की जाती है।
अगर किसी दस्तावेज में गड़बड़ी या गलत जानकारी मिलती है, तो उम्मीदवार की उम्मीदवारी रद्द की जा सकती है।
चौथा चरण: मेडिकल टेस्ट
दस्तावेजों की जांच पूरी होने के बाद उम्मीदवारों का मेडिकल परीक्षण किया जाता है। इसमें आंखों की रोशनी, सुनने की क्षमता, शारीरिक फिटनेस और अन्य स्वास्थ्य संबंधी जांच होती है। रेलवे के अलग-अलग पदों के लिए मेडिकल मानक भी अलग हो सकते हैं।
मेडिकल टेस्ट पास करना अंतिम चयन के लिए अनिवार्य होता है।
कैसे बनती है मेरिट?
रेलवे ग्रुप डी की अंतिम मेरिट मुख्य रूप से कंप्यूटर आधारित परीक्षा (CBT) में प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार की जाती है। हालांकि अंतिम चयन तभी माना जाता है, जब उम्मीदवार शारीरिक दक्षता परीक्षा, दस्तावेज सत्यापन और मेडिकल टेस्ट भी सफलतापूर्वक पूरा कर ले।
तैयारी कैसे करें?
अगर आप रेलवे ग्रुप डी में चयन चाहते हैं, तो सबसे पहले परीक्षा के सिलेबस को अच्छी तरह समझें। रोजाना गणित, सामान्य विज्ञान, रीजनिंग और करंट अफेयर्स की तैयारी करें। साथ ही पिछले वर्षों के प्रश्नपत्र हल करें और नियमित रूप से मॉक टेस्ट दें। इसके अलावा शारीरिक परीक्षा के लिए दौड़ और फिटनेस पर भी पहले से ध्यान देना शुरू कर दें।
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