Republic Day Flag Hoisting : गणतंत्र दिवस पर कैसे देते हैं तिरंगे को सम्मान, जानें ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में अंतर

Flag Hoisting and Flag Unfurling Difference : गणतंत्र दिवस का मुख्य समारोह नई दिल्ली में कर्तव्य पथ पर होगा। राष्ट्रपति की मौजूदगी में परेड होती है जो भारत की सांस्कृतिक विविधता, रक्षा शक्ति और आधुनिक प्रगति को दिखाएगी। कार्यक्रम का प्रसारण पूरे देश में दिखाया जाता है। आज के दिन देश का हर एक नागरिक देशभक्ति की भावना से ओतप्रोत हो जाता है। मगर कई लोगों को कन्फ्यूजन होती है कि आज ध्वजारोहण होता है या फिर ध्वज फहराया जाता है। कई लोग दोनों को एक ही समझ बैठते हैं। ऐसे में चलिये जानते हैं कि ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में क्या अंतर है। 26 जनवरी यानी आज के दिन क्या किया जाता है।

Flag Hoisting and Flag Unfurling Difference : 26 जनवरी 1950 को देश में संविधान लागू हुआ और भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में एक नया अध्याय शुरू किया। 2026 यानी आज के दिन भारत की ये यात्रा 77 साल की हो जाएगी और पूरे देश में गर्व के साथ गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। स्कूलों, कॉलेजों, दफ्तरों, सरकारी इमारतों और विदेशों में भारतीय दूतावासों में झंडा फहराने और कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। मगर कई लोग ध्वज फहराने और ध्वजारोहण को एक ही समझ बैठते हैं। ऐसे में चलिये हम आपको बताते हैं कि दोनों के बीच में क्या फर्क है...

difference between flag hoisting and flag unfurling

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क्या आप जानते हैं ध्वजारोहण और ध्वज फहराने में फर्क ? Difference Between Flag Hosting and Unfurling

बता दें कि 26 जनवरी के दिन ध्वजारोहण नहीं होता। अगर आपको भी इस बात में कन्फ्यूजन है तो ये ध्यान में रखें कि गणतंत्र दिवस पर झंडा खोलकर फहराया जाता है, जिसे 'झंडा फहराना' (Flag Unfurling) कहा जाता है। स्वतंत्रता दिवस के दिन ध्वजारोहण होता है। इस दिन झंडा नीचे से रस्सी खींचकर ऊपर ले जाया जाता है और फिर फहराया जाता है। इसे 'ध्वजारोहण' (Flag Hoisting) कहते हैं। 1947 में ब्रिटिश झंडे के उतरने और भारत के तिरंगे के ऊपर चढ़ने का प्रतीक है।

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