RBSE Rajasthan Board 10th Result topper Khushboo Sharma: राजस्थान बोर्ड ने 10वीं परीक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया है। राजस्थान माध्यमिक शिक्षा परिषद 10वीं में इस बार छात्राओं ने बाजी मारी है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अजमेर स्थित बोर्ड कार्यालय से रिजल्ट जारी किया था। इस बार राजस्थान बोर्ड 10वीं का रिजल्ट कुल 94.23 प्रतिशत रहा जिसमें छात्राओं का सफलता प्रतिशत 94.20रहा और छात्रों का सफलता प्रतिशत 93.63 रहा। कुल 1066561 परीक्षार्थी राजस्थान बोर्ड में पंजीकृत थे। टॉपर्स की बात करें तो इस बार हिंडौन सिटी की रहने वाली खुशबू शर्मा ने राजस्थान बोर्ड की 10वीं परीक्षा में 99 प्रतिशत अंक हासिल कर पूरे जिले का नाम रोशन किया। परीक्षा से 4 महीने पहले खुशबू ने अपने पिता को खो दिया था। यह कहानी हमें सिखाती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि मेहनत, धैर्य और आत्मविश्वास से मिलती है। अगर लक्ष्य स्पष्ट हो और मन में विश्वास हो, तो कोई भी बाधा रास्ता नहीं रोक सकती।
Rajasthan Board 10th Result topper Khushboo Sharma
जिले के कौन से स्कूल से की है पढ़ाई
आशीष मेमोरियल पब्लिक स्कूल की छात्रा खुशबू शर्मा की सफलता सिर्फ एक रिजल्ट नहीं, बल्कि साहस, संघर्ष और अटूट हौसले की मिसाल है। परीक्षा से महज चार महीने पहले ही उनके पिता भूपेंद्र शर्मा का एक दुर्घटना में निधन हो गया था। इतनी कम उम्र में पिता का साया सिर से उठ जाना किसी भी बच्चे के लिए बड़ा सदमा होता है, लेकिन खुशबू ने इस दुख को अपनी कमजोरी नहीं बनने दिया। उनकी कहानी आज हजारों छात्रों के लिए प्रेरणा बन गई है, खासकर उन बच्चों के लिए जो जीवन में किसी कठिन दौर से गुजर रहे हैं। खुशबू ने यह साबित कर दिया कि असली जीत वही है, जो मुश्किल हालात में भी हार न माने।
आईएएस बनना चाहती हैं खुशबू
खुशबू का सपना भविष्य में आईएएस अधिकारी बनकर देश सेवा करना है। उनकी यह उपलब्धि दिखाती है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, अगर इरादे मजबूत हों तो सफलता जरूर मिलती है।
मां ने किया सपोर्ट तो चमक उठी बेटी
इस कठिन समय में उनकी मां चंद्रमुखी ने उन्हें संभाला और लगातार आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। मां के हौसले और अपने दृढ़ संकल्प के दम पर खुशबू ने खुद को पढ़ाई में पूरी तरह झोंक दिया। उन्होंने रोजाना 8 से 10 घंटे मेहनत की और अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा। बता दें कि इस साल 10वीं बोर्ड की परीक्षाएं 12 फरवरी को शुरू होकर 28 फरवरी को समाप्त हुई थीं। इन परीक्षाओं में कुल 10 लाख 68 हजार 109 विद्यार्थी शामिल हुए थे।
