Rajasthan SET Exam 2026: जयपुर में राजस्थान स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET 2026) के दौरान जयपुर में एग्जाम सेंटर पर हंगामा हो गया। खबरों के मुताबिक, रविवार को राजस्थान के जयपुर में स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) 2026 के परीक्षा केंद्र से छात्र बाहर निकल आए। उनका आरोप था कि तय समय के लगभग 30 मिनट बाद प्रश्न पत्र बांटे गए। प्रश्न पत्र बांटने में हुई इस देरी के कारण विरोध शुरू हुआ और बाद में परीक्षा का बहिष्कार किया गया।
यह घटना जयपुर के बैनर (Benar) रोड पर स्थित पिंक सिटी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में हुई। परीक्षा शुरू होने का तय समय सुबह 11 बजे था, लेकिन प्रश्न पत्र सुबह करीब 11:30 बजे पहुंचे, जिसके बाद उम्मीदवारों ने विरोध किया और परीक्षा का बहिष्कार किया। खबरों के मुताबिक, कई उम्मीदवार अपने परीक्षा हॉल से बाहर निकल आए और परीक्षा केंद्र के मुख्य गेट पर विरोध करने लगे।
अभ्यर्थियों ने किया पुलिस से संपर्क
अभ्यर्थियों का आरोप है कि उन्होंने जब परीक्षा शुरू होने में देरी को लेकर केंद्र पर मौजूद अधिकारियों से सवाल किया, तो उन्हें कथित तौर पर शांत रहने या परीक्षा छोड़कर जाने की बात कही गई। इसके बाद स्थिति और बिगड़ गई। कुछ उम्मीदवारों ने पुलिस से भी संपर्क किया और परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं को लेकर अपनी शिकायत बताई।
एग्जाम रद्द होने की नहीं कोई सूचना
बताया गया कि पुलिस और स्कूल के प्रिंसिपल के बीच बातचीत के बाद उम्मीदवारों को एक नोटिस दिखाया गया। अभ्यर्थियों के मुताबिक, इस नोटिस में परीक्षा रद्द होने की बात कही गई थी। हालांकि, उम्मीदवारों का कहना है कि परीक्षा शुरू होने से पहले उन्हें केंद्र या किसी आधिकारिक माध्यम से परीक्षा रद्द होने की कोई सूचना नहीं दी गई थी।
परीक्षा व्यवस्था पर सवाल
एक अभ्यर्थी सानिया कवल ने ANI से बातचीत में परीक्षा केंद्र की व्यवस्थाओं पर भी सवाल उठाए। उन्होंने परीक्षा दोबारा आयोजित कराने और संबंधित केंद्र को रद्द करने की मांग की।
राजस्थान एसईटी परीक्षा क्यों होती है
राजस्थान स्टेट एलिजिबिलिटी टेस्ट (SET) एक राज्य स्तरीय पात्रता परीक्षा है। इसका मुख्य उद्देश्य राजस्थान के कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में असिस्टेंट प्रोफेसर बनने के लिए उम्मीदवारों की पात्रता तय करना है। जिन अभ्यर्थियों की रुचि उच्च शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षक बनने की है, उनके लिए यह परीक्षा महत्वपूर्ण मानी जाती है। यहां आमतौर पर दो पेपर होते हैं। पहला पेपर शिक्षण और शोध अभिरुचि से संबंधित होता है, जबकि दूसरा पेपर उम्मीदवार द्वारा चुने गए विषय के ज्ञान का आकलन करता है।
