PM Modi Inaugurates JEWAR Airport in Noida and Lays Foundation Stone of MRO Facility: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज (28 मार्च) को उत्तर प्रदेश के जेवर में 11,282 करोड़ रुपये की लागत तैयार नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के पहले फेज का उद्घाटन किया। यह प्रोजेक्ट चार चरणों में पूरा होगा। इसके साथ ही Uttar Pradesh अब 5 इंटरनेशनल एयरपोर्ट वाला देश का पहला राज्य बन गया है। Jewar Airport Inauguration के साथ PM मोदी ने MRO की आधारशिला रखी, चलिए जानते हैं इसके बारे में
नोएडा एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ PM मोदी ने रखी MRO की आधारशिला
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट के उद्घाटन के साथ-साथ MRO की आधारशिला भी रखी। MRO एक तरह की सुविधा है। MRO यानी रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉलिंग। MRO के निर्माण से नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर विमानों के रखरखाव, ओवरहॉलिंग और मरम्मत की क्षमताओं का विकास हो सकेगा।
MRO क्यों अनिवार्य है
अभी केवल पहले चरण का उद्घाटन किया गया है। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का पहला चरण 1,334 हेक्टेयर क्षेत्र में बनाया गया है। राज्य सरकार और डेवलपर यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड के बीच हुए समझौते के तहत, MRO सुविधा का विकास एक अनिवार्य शर्त है। MRO सुविधा को 40 एकड़ क्षेत्र में विकसित किया जाना है।
MRO की जरूरत
MRO (रखरखाव, मरम्मत और ओवरहॉल) उन सभी तकनीकी, प्रशासनिक और लॉजिस्टिकल गतिविधियों को कहते हैं, जो मशीनरी, उपकरणों और प्रणालियों को सुरक्षित, कुशल और चालू हालत में रखने के लिए जरूरी होती हैं। यह तय समय पर होने वाले निरीक्षणों (inspections), सुधारात्मक मरम्मतों (corrective repairs) और गहन (intensive), व्यापक नवीनीकरणों (comprehensive renovations) को एक साथ जोड़ता है, ताकि संपत्तियों की विश्वसनीयता और जीवनकाल को ज़्यादा से ज्यादा बढ़ाया जा सके।
40 करोड़ में बनेगा MRO
Noida JEWAR Airport में बनने वाला एमआरओ 40 एकड़ में बनेगा। इसके लिए यमुना इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड और अकासा एयर के बीच समझौता हुआ है। इसके तहत, अकासा एयर हवाई अड्डे के परिसर में एक अत्याधुनिक एमआरओ केंद्र का संचालन करेगा, जो नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर एडवांस्ड एमआरओ सर्विस देगा।
