Parakram Diwas 2026: पराक्रम दिवस कब और क्यों मनाया जाता है, जानें इतिहास और महत्व

Parakram Diwas 2026 Date and History: हर साल 23 जनवरी को भारत में पराक्रम दिवस मनाया जाता है। पहली बार इस दिवस को 2021 में मनाया गया था और 6 साल से इसे लगातार मनाया जा रहा है। पराक्रम दिवस का सीधा नाता महान स्वतंत्रता सेनानी नेताजी सुभाष चंद्र बोस से है। आइए आपको पराक्रम दिवस और इतिहास के बारे में बताएं।

Parakram Diwas 2026 Date and History: हर साल 23 जनवरी को पराक्रम दिवस मनाया जाता है। यह दिवस नेताजी सुभाष चंद्र बोस की अदम्य साहस और बलिदान को श्रद्धांजलि अर्पित करने का अवसर है। इस साल (2026) छठा पराक्रम दिवस मनाया जा रहा है। इसकी शुरुआत 6 साल पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा की गई थी। इस दिन को खास बनाने के लिए और युवाओं में जोश भरने के लिए पूरे देश में वाद-विवाद, निबंध प्रतियोगिता, प्रदर्शनी आदि जैसे सांस्कृतिक और शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाता है। बीते सालों की तरह इस साल भी स्कूलों व कॉलेज में कई विशेष कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। आइए अब आपको बताएं, पराक्रम दिवस के महत्व और इतिहास के बारे में बताएं।

Parakram Diwas.

पराक्रम दिवस कब और क्यों मनाया जाता है

पराक्रम दिवस 2026: क्यों मनाया जाता है पराक्रम दिवस

नेताजी सुभाष चंद्र बोस एक महान स्वतंत्र सेनानी थे। उनके जन्म 23 जनवरी 1897 में ओडिशा के कटक में हुआ था। उनके पिता का नाम जानकीनाथ और माता का नाम प्रभावती था। उन्होंने देश को स्वतंत्रता दिलाने में अहम भूमिका निभाई है। नेताजी का प्रमुख योगदान तब देखा गया जब उन्होंने जापान के सहयोग से आज़ाद हिंद फौज का गठन किया और ब्रिटिश शासन के खिलाफ विद्रोह का नेतृत्व किया। उनके अद्मय साहस, देशभक्ति और स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान और देश को आजादी दिलाने के लिए उनके अद्वितीय नेतृत्व और बलिदान को सम्मानित करने के लिए उनकी जयंती के दिन को भारत में पराक्रम दिवस के तौर पर मनाया जाता है।

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