Odisha Textbook Errors: ओडिशी की स्कूली शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। राज्य सरकार द्वारा नए शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों में एक दो नहीं बल्कि 1,678 गंभीर गलतियां सामने आई हैं। इन पुस्तकों में महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन को दुनिया का सबसे महान पायलट बताया गया है। वहीं जबकि कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर को ओडिशा विधानसभा और हम्पी मंदिर परिसर को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में प्रस्तुत कर दिया गया है। इतना ही नहीं ओडिशा के प्रसिद्ध नियमगिरी पहाड़ियों को भूगोल की किताब में गलत तरीके से झारखंड में दिखा दिया गया है।
Odisha Textbook Errors: इस राज्य की नई किताबों में 1678 गलतियां
ओडिशी की स्कूली शिक्षा व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। राज्य सरकार द्वारा नए शैक्षणिक सत्र के लिए तैयार की गई पाठ्यपुस्तकों में एक दो नहीं बल्कि 1,678 गंभीर गलतियां सामने आई हैं। इन पुस्तकों में महान वैज्ञानिक सर आइजैक न्यूटन को दुनिया का सबसे महान पायलट बताया गया है। वहीं जबकि कर्नाटक विधानसभा की तस्वीर को ओडिशा विधानसभा और हम्पी मंदिर परिसर को कोणार्क सूर्य मंदिर के रूप में प्रस्तुत कर दिया गया है। इतना ही नहीं ओडिशा के प्रसिद्ध नियमगिरी पहाड़ियों को भूगोल की किताब में गलत तरीके से झारखंड में दिखा दिया गया है।
मुख्यमंत्री ने लगाई फटकार
हालांकि इन गलतियों के सामने आते ही मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी ने बुधवार को लोक सेवा भवन में समीक्षा बैठक की। बैठक के दौरान राज्य के जनशिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड, मुख्य सचिव अनु गर्ग और अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। साथ ही मुख्यमंत्री ने इस पूरे मामले की जांच के लिए एक तीन सदस्यीय उच्च स्तरीय समिति के गठन की घोषणा की है। इसकी अध्यक्षता डेवलपमेंट कमिश्नर करेंगे। पैनल को सात दिनों के भीतर अपनी रिपोर्ट सौंपने का आदेश दिया गया है।
इसके अलावा भविष्य में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए क्वालिटी-कंट्रोल सिस्टम को मजबूत करने और भविष्य के संस्करणों में ऐसी गलतियों को रोकने के लिए पाठ्यपुस्तक तैयार करने की प्रक्रिया की समीक्षा करने का भी आदेश दिया है।
कक्षा 8वीं की किताब में सबसे ज्यादा गलतियां
बता दे स्कूल और मास एजुकेशन डिपार्टमेंट के अनुसार, क्लास 8 की किताबों में सबसे ज़्यादा गलतियां पाई गई हैं। कक्षा 1 से 8वी तक की किताबों में कुल 1,678 गलतियां मिली, जिनमें से अकेले क्लास 8 की किताबों में 705 गलतियां शामिल थी। किताबें बंटने के तुरंत बाद ही टीचरों ने इन गलतियों की जानकारी दी, जिससे पब्लिकेशन से पहले की क्वालिटी चेकिंग पर सवाल उठने लगे।
डिपार्टमेंट ने मानी अपनी गलती
आपकी जाकारी के लिए बता दें कि डिपार्टमेंट ने गलतियां मान ली हैं और स्कूलों को सुधार के लिए एक नोटिस जारी किया है। टीचरों को निर्देश दिया गया है कि क्लास लेते समय इन सुधारों का इस्तेमाल करें ताकि एकेडमिक सेशन के दौरान छात्रों पर कोई बुरा असर न पड़े।
