देश की सबसे बड़ी प्रवेश और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सामने आई गड़बड़ियों और पेपर लीक के बाद नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) में अब बड़ा बदलाव किया जा रहा है। सबसे बड़ा बदलाव एजेंसी के मुख्यालय को लेकर है। NTA का मौजूदा मुख्यालय दक्षिण दिल्ली के ओखला स्थित NSIC-MDBP Building से हटाकर सेंट्रल दिल्ली के मिंटो रोड स्थित Government of India Press Building में ले जाया जाएगा।
मिंटो रोड पर शिफ्ट होगा एनटीए का मुख्यालय
आखिर क्यों बदला जा रहा है NTA का ठिकाना?
मुख्यालय बदलने के पीछे सबसे बड़ा कारण परीक्षा व्यवस्था की सुरक्षा को मजबूत करना माना जा रहा है। पिछले दो वर्षों में कई हाई-प्रोफाइल परीक्षाओं में पेपर लीक, प्रश्नपत्रों में गलतियों और परीक्षा प्रक्रिया को लेकर विवाद सामने आए हैं। इन घटनाओं ने लाखों छात्रों की चिंता बढ़ाई और NTA की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए।
ऐसे में सरकार अब NTA की पूरी परीक्षा व्यवस्था को नए सिरे से मजबूत करने में जुटी है। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने NTA के अधिकारियों के साथ लगातार बैठकें कर सुरक्षा, जवाबदेही और परीक्षा प्रक्रिया में सुधार की समीक्षा की है।
सिर्फ दफ्तर नहीं बदलेगा, सुरक्षा भी बदलेगी
NTA के नए मुख्यालय में सुरक्षा व्यवस्था को बेहद मजबूत किया जाएगा। CISF की तैनाती की योजना है। यानी परीक्षा से जुड़े संवेदनशील दस्तावेज, रिकॉर्ड, सर्वर रूम, स्ट्रॉन्ग रूम और अन्य महत्वपूर्ण संसाधनों की सुरक्षा पर विशेष जोर रहेगा।
दरअसल, NTA ने 25 जुलाई को ही मुख्यालय, क्षेत्रीय कार्यालयों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर 24 घंटे सुरक्षा व्यवस्था के लिए करीब 7.5 करोड़ रुपये का टेंडर जारी किया था। टेंडर में गोपनीय परीक्षा सामग्री, रिकॉर्ड, डिजिटल स्टोरेज, सर्वर रूम और स्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा का प्रावधान है।
600 एक्सपर्ट हटाए गए, नई टीम तैयार
सरकार ने सिर्फ लोकेशन बदलने तक ही बदलाव सीमित नहीं रखा है। NTA ने करीब 600 विषय विशेषज्ञों को हटाकर नए विशेषज्ञों को शामिल करना शुरू किया है। आने वाले दो-तीन सप्ताह में 20 से 25 और अधिकारियों को भी NTA में शामिल किया जाएगा।
अब चार स्तर पर होगी पेपर की जांच
पेपर में गलती की गुंजाइश कम करने के लिए चार स्तरीय प्रश्नपत्र जांच व्यवस्था लागू की जाएगी। विशेषज्ञों, विषय विशेषज्ञों और अन्य जांचकर्ताओं के स्तर पर प्रश्नपत्र की समीक्षा होगी। इसके बाद भी प्रश्नों और उत्तर कुंजी की जांच की जाएगी, ताकि परीक्षा के बाद विवाद की स्थिति कम से कम हो।
सरकार का साफ संदेश अब जवाबदेही तय होगी
शिक्षा मंत्रालय ने NTA को परीक्षा प्रक्रिया का विस्तृत ऑडिट करने और सुधार के लिए उठाए गए कदमों की रिपोर्ट 30 दिन में देने का निर्देश दिया है। यानी ओखला से मिंटो रोड तक NTA का यह सफर सिर्फ ऑफिस बदलने की कवायद नहीं, बल्कि पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के बाद एजेंसी की पूरी कार्यप्रणाली को ज्यादा सुरक्षित, जवाबदेह और भरोसेमंद बनाने की कोशिश का हिस्सा है।
