NEET UG 2026: नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) द्वारा नीट यूजी 2026 परीक्षा के परिणाम जारी होने के बाद से सोशल मीडिया और विभिन्न प्लेटफॉर्म पर फर्जी OMR शीट और स्कोरकार्ड को लेकर कई पोस्ट वायरल हो रहे हैं। इन वायरल पोस्ट पर एनटीए द्वारा एक महत्वपूर्ण सार्वजनिक नोटिस जारी किया है। जारी इस नोटिस में NTA ने स्पष्ट शब्दों में कहा है कि परिणाम के पुनर्मूल्यांकन और कम अंक मिलने के नाम पर फैलाए जा रहे दावे पूरी तरह भ्रामक और फर्जी हैं। इस मामले को लेकर एनटीए ने पूरी सच्चाई सोशल मीडिया पर आधिकारिक हैंडल का इस्तेमाल करते हुए सामने रखी है।
NTA ने फर्जी OMR और स्कोरकार्ड से जुड़े दावों को किया खारिज (PHOTO - AI)
जांच में सामने आई फर्जीवाड़े की पूरी सच्चाई
NTA द्वारा की गई गहन जांच में सामने आया कि शिकायतकर्ताओं के रोल नंबर पर जारी आधिकारिक स्कोरकार्ड और आंसर की पूरी तरह सटीक हैं। उम्मीदवारों की असली OMR शीट्स, जिनमें सही रोल नंबर, टेस्ट बुकलेट नंबर, बारकोड, बायोमेट्रिक इम्प्रेशन और इनविजिलेटर के हस्ताक्षर शामिल हैं, वह NTA के सुरक्षित सर्वर में दर्ज हैं और चैलेंज विंडो के दौरान उम्मीदवारों को ईमेल के माध्यम से भेजा गया है।
जांच में पकड़े गए फर्जीवाड़े के कई तरीके
AI टूल्स और OCR से बदलाव: एनटीए ने बताया कि OMR शीट के पहले से प्रिंटेड हिस्सों, उत्तर के गोलों, प्राप्त अंक और अभ्यर्थियों के नाम-पते में AI टूल्स के जरिए डिजिटल बदलाव किए गए है।
बारकोड और QR कोड ने खोला राज: एनटीए ने जांच के बाद बताया कि जालसाजों ने OMR में उत्तर और नाम तो बदल दिए, लेकिन बारकोड और QR कोड को नहीं बदल सके। NTA व NIC के सर्वर से मिलान करते यह फर्जीवाड़ा पकड़ा गया।
फर्जी क्रेडेंशियल्स: एनटीए ने जानकारी देते हुए बताया कि कुछ मामलों में ऐसे नाम और विवरण डाले गए, जिनका NEET UG 2026 के डेटाबेस में कोई रजिस्ट्रेशन ही नहीं था।
OMR शीट के दावों को किया खारिज
आर्या सिंह का मामला - एनटीए ने बताया कि आर्या सिंह की वायरल OMR शीट में भी तकनीकी बदलाव पकड़े गए हैं। असली शीट पर इनविजिलेटर के हस्ताक्षर का समय दोपहर 3:45 बजे दर्ज था, जिसे एडिट करके फर्जी शीट में दोपहर 2:45 बजे कर दिया गया था। इसके अलावा भी डिजिटल बदलाव के कई अन्य निशान पाए गए। उम्मीदवार का 167 अंक पूरी तरह वेरिफाइड है।
लक्ष्य सिंह का मामला - उम्मीदवार लक्ष्य सिंह के मामले में NTA ने जांच के बाद बताया कि वायरल इमेज में ऐसे जवाबों के निशान दिख रहे हैं जो मूल शीट पर थे ही नहीं। फर्जी OMR शीट तैयार करने के लिए डिजिटल एडिटिंग के जरिए अतिरिक्त गोले भरे गए थे। मूल OMR शीट के अनुसार, उम्मीदवार ने कुल 180 में से केवल 54 प्रश्नों के उत्तर दिए थे (34 सही, 20 गलत) और 126 प्रश्न छोड़ दिए थे। उनका 116 अंकों का स्कोर बिल्कुल सही है।
अवनीश श्रीवास्तव का मामला- एनटीए ने उम्मीदवार अवनीश श्रीवास्तव की ओएमआर शीट पर AI और ओवरराइटिंग से फर्जीवाड़ा करने की बात बताई। NTA ने बताया कि उम्मीदवार की असली OMR शीट रिकॉर्ड में सुरक्षित है, जिसे चैलेंज विंडो के दौरान उनके रजिस्टर्ड ईमेल पर भी भेजा गया था। क्योंकि सोशल मीडिया पर वायल फोटो में 'अजीत सिंह' नाम और माता-पिता के विवरण दर्ज थे, जो NEET UG 2026 के पूरे डेटाबेस में मौजूद ही नहीं हैं।
प्रतिभा त्रिवेदी के मामले पर NTA का स्पष्टीकरण
उम्मीदवार प्रतिभा त्रिवेदी (आवेदन संख्या: 260412140662) की वायरल OMR शीट पर NTA ने बताया कि उनकी असली OMR शीट रिकॉर्ड में सुरक्षित है। सोशल मीडिया पर जो शीट फैलाई जा रही है, वह एडिटेड है। रिकॉर्ड के अनुसार उम्मीदवार का 38 अंकों का स्कोर पूरी तरह सही है और परिणाम में कोई बदलाव नहीं होगा।
फर्जी दस्तावेज बनाना और फैलाना पर कानूनी कार्रवाई
NTA ने फर्जीवाड़ा करने वाले लोगों को सख्त चेतावनी दी और कहा कि फर्जी OMR या स्कोरकार्ड तैयार करना या उन्हें फैलाना पब्लिक एग्जामिनेशन (Prevention of Unfair Means) Act, 2024, भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 और IT एक्ट 2000 के तहत गंभीर अपराध है। दोषी पाए जाने पर अभ्यर्थी का एडमिशन रद्द होगा और उसे भविष्य की NTA परीक्षाओं से डिबार कर दिया जाएगा। जेल और भारी जुर्माना लगाया जा सकता है। फर्जी दस्तावेज सप्लाई करने वाले या बिचौलिए बने तीसरे पक्ष के खिलाफ भी कड़ी कानूनी कार्रवाई होगी।
