NEET UG 2026 के रिजल्ट ने बिहार के मुजफ्फरपुर जिले के रतनौली गांव के आदित्य के परिवार में खुशियां ला दी हैं। साधारण परिवार से आने वाले आदित्य ने मेडिकल प्रवेश परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक 946 हासिल की है। वहीं, उनकी कैटेगरी रैंक 295 रही। आदित्य की इस सफलता को इसलिए भी खास माना जा रहा है, क्योंकि वह अपने गांव से मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करने वाले पहले छात्र हैं। 16 जुलाई को नीट यूजी 2026 का रिजल्ट जारी हुआ और उसके बाद सफलता की कई कहानियां सामने आई हैं। ये कहानियां उन छात्रों के लिए प्रेरक हैं जो संसाधनों की कमियों का रोना रोते हैं।
रिक्शा चालक के पोते की NEET में 946वीं रैंक
गांव में रहकर की पढ़ाई
आदित्य ने अपनी शुरुआती पढ़ाई रतनौली गांव में रहकर की। उन्होंने बिहार बोर्ड से मैट्रिक की परीक्षा पास की और इसके बाद आरडीएस कॉलेज से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की। इंटर की परीक्षा में आदित्य ने 87 फीसदी अंक हासिल किए थे। पढ़ाई के दौरान उन्होंने लगातार अपने लक्ष्य पर फोकस बनाए रखा और मेडिकल क्षेत्र में करियर बनाने की तैयारी की।
दादा चलाते हैं रिक्शा
आदित्य के दादा सौखी सहनी पहले रिक्शा चलाकर परिवार का गुजारा करते थे। वहीं, उनके पिता हरेन्द्र सहनी प्राइवेट नौकरी करते हैं। सीमित संसाधनों वाले परिवार से आने वाले आदित्य ने अपनी मेहनत और लगन के दम पर NEET UG जैसी कठिन परीक्षा में शानदार प्रदर्शन किया। उनकी सफलता से परिवार के साथ-साथ पूरे गांव में खुशी का माहौल है।
आदित्य की प्रेरक कहानी
आदित्य की कहानी यह बताती है कि बड़े सपने देखने के लिए बड़े शहर या संसाधनों का होना जरूरी नहीं। लगातार मेहनत, अनुशासन और लक्ष्य के प्रति ईमानदारी हो तो गांव से निकला छात्र भी देश की सबसे कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा में शानदार रैंक हासिल कर सकता है।
NEET UG 2026 में मिली इस सफलता के बाद आदित्य अब डॉक्टर बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। उनके दादा ने पोते की उपलब्धि पर गर्व जताते हुए कहा कि आदित्य की सफलता पूरे परिवार और गांव के लिए गौरव की बात है। वहीं, आदित्य के पिता हरेन्द्र सहनी ने कहा कि बेटे की इस उपलब्धि ने पूरे परिवार को गर्व से भर दिया है।
