NEET Success Story: किराना दुकान चलाने वाले के 3 बच्चों ने एक साथ क्रैक की NEET परीक्षा, सहरसा में रचा इतिहास

NEET Success Story: नीट यूजी रिजल्ट के बाद सहरसा के एक घर में उत्सव का माहौल है। यहां एक बच्चे ने नहीं बल्कि किनारा दुकानदार के तीनों बच्चों ने नीट की परीक्षा एक साथ क्रैक कर इतिहास रच दिया है।

NEET Success Story: कहते हैं कि सफलता किसी सुख-सुविधा या बड़े शहर की मोहताज नहीं होती। यदि रगों में जीतने का जुनून हो और इरादे फौलादी हों, तो तंगहाली के कांटों के बीच भी कामयाबी के फूल खिल सकते हैं। नीट यूजी (NEET UG) परीक्षा के परिणाम घोषित होने के बाद देश भर से कई दिल छू लेने वाली छात्रों की कड़ी मेहनत और सफलता की कहानियां सामने आ रही हैं। लेकिन बिहार के कोसी क्षेत्र में आने वाले सहरसा जिले से एक ऐसी खबर सामने आई है, जिसने लोगों को हैरान कर दिया है। सहरसा के एक साधारण से परिवार से एक नहीं, बल्कि तीन बच्चे डॉक्टर बनने की राह पर चले और तमाम आर्थिक तंगियों और सीमित संसाधनों की छाती पर पैर रखकर एक साथ नीट परीक्षा क्रैक की। तीनों भाई-बहन का नाम पूरे इलाके में गूंज रहा है।

NEET Success Story

किराना दुकान चलाने वाले के 3 बच्चों ने एक साथ क्रैक की NEET परीक्षा (Photo - AI)

अलग थे बोर्ड, पर एक था तीनों का सपना

सहरसा के रहने वाले दो भाई—रजनीश कुमार, प्रह्लाद कुमार और उनकी बहन साक्षी ने एक साथ इस कठिन मेडिकल प्रवेश परीक्षा को पास कर एक अनोखा और दुर्लभ उदाहरण पेश किया है। दिलचस्प बात यह है कि तीनों भाई-बहनों की शुरुआती स्कूली शिक्षा की एक दूसरे से बिल्कुल अलग थी। जहां दोनों भाइयों ने सीबीएसई के माध्यम से स्कूली शिक्षा प्राप्त की है, वहीं बहन साक्षी ने बिहार विद्यालय परीक्षा समिति से अपनी शिक्षा प्राप्त की। तीनों भाई-बहन के पढ़ने के बोर्ड भले ही एक दूसरे से अलग रहे है, लेकिन उनकी आंखों में सपना एक ही था 'डॉक्टर' बनने का। इसी एक सपने के चलते तीनों ने जमकर मेहनत की और उनकी मेहनत ऐसी रंग लाई की एक साथ नीट यूजी की परीक्षा क्रैक कर अपने परिवार का नाम रोशन किया।

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