NEET PG Exam 2026: नेशनल बोर्ड ऑफ एग्जामिनेशन इन मेडिकल साइंसेज (NBEMS) की ओर से आज यानी 30 अगस्त को देशभर में नीट पीजी की परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए 2 लाख 73 हजार 96 उम्मीदवार रजिस्टर्ड थे, जिनमें से 2 लाख 65 हजार 980 उम्मीदवार परीक्षा में शामिल हुए। करीब 2 लाख 63 हजार 535 उम्मीदवारों की परीक्षा पूरी हो सकी। वहीं जयपुर के iON Digital Zone iDZ Sitapura के परीक्षा केंद्र नंबर 41682 और 41683 पर अंदरूनी बिजली की समस्या के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो पाई। NBEMS ने इसके लिए उम्मीदवारों को हुई परेशानी पर खेद जताया है।
इन प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 को दोपहर 3 बजे जयपुर में दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी। परीक्षा केंद्र की जानकारी और नए एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे। इस बात की जानकारी एनबीईएमएस ने ट्वीट कर दिया है।
NEET PG Exam 2026: इन केंद्रों पर नहीं हो पाई परीक्षा
जारी सूचना में कहा गया है कि iON डिजिटल जोन iDZ सीतापुरा, जयपुर, राजस्थान स्थित परीक्षा केंद्रों (टेस्ट सेंटर नंबर 41682 और 41683) पर अंदरूनी बिजली आपूर्ति में खराबी के कारण परीक्षा पूरी नहीं हो सकी। यह समस्या परीक्षा केंद्र की एजेंसी द्वारा M/s TCS Ltd से जुड़ी बताई गई है।
NEET PG New Exam Date: अब इस डेट को होगा एग्जाम
जिन उम्मीदवारों की परीक्षा इस कारण पूरी नहीं हो सकी, उन्हें हुई असुविधा के लिए NBEMS खेद व्यक्त करता है। प्रभावित उम्मीदवारों के लिए 5 सितंबर 2026 (शनिवार) को दोपहर 3:00 बजे जयपुर, राजस्थान में दोबारा परीक्षा आयोजित की जाएगी।
NEET PG Exam: यहां मिलेगी पूरी जानकारी
बोर्ड ने यह भी कहा है कि दोबारा परीक्षा के लिए एग्जाम सेंटर की पूरी जानकारी और संशोधित एडमिट कार्ड अलग से जारी किए जाएंगे। ऐसे में प्रभावित उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे एनबीईएमएस की आधिकारिक सूचनाओं पर नजर बनाए रखें और नए एडमिट कार्ड जारी होने के बाद उसमें दर्ज परीक्षा केंद्र और अन्य जरूरी विवरण ध्यान से जांच लें।
स्टूडेंट्स कर रहे हैं विरोध प्रदर्शन
बता दें नीट पीजी परीक्षा में शामिल उम्मीदवार सीतापुरा के एक परीक्षा केंद्र पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि तकनीकी खराबी के कारण परीक्षा में रुकावटें आई। एक उम्मीदवार, विष्णु शर्मा ने कहा, "मैं यहां परीक्षा देने आया हूं। शुरुआत से ही, परीक्षा ठीक से शुरू होने से पहले ही, सिस्टम बार-बार बंद हो रहा था। यह दो मिनट चलता और फिर क्रैश हो जाता। ऐसा कम से कम 20 बार हुआ। हम सहयोग करने की कोशिश करते रहे, यह सोचकर कि 'शायद अब यह काम करेगा,' लेकिन यह बार-बार बंद होता रहा।
इस बीच, सभी छात्र आपस में स्थिति पर चर्चा कर रहे हैं। ऐसा लग रहा है जैसे सातवीं या आठवीं कक्षा की परीक्षा हो रही हो, जहां छात्र एक-दूसरे से बातें कर रहे हैं। जब वे हमसे इतनी ज्यादा फीस लेते हैं, तो क्या वे देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में से एक, इस परीक्षा के लिए सही सुविधाएं नहीं दे सकते? हम डॉक्टर हैं जो दूसरों का इलाज करते हैं। आप हमसे उम्मीद करते हैं कि हम सभी को सबसे अच्छी देखभाल और सुविधाएँ दें, फिर भी जब हम ऐसी स्थिति का सामना करते हैं, तो कोई भी ज़िम्मेदारी नहीं लेता।
