सरकार का बड़ा ऐलान; NCERT ने संभाली 10वीं-12वीं के प्रमाणपत्र समानता की जिम्मेदारी, छात्रों के लिए आसान होगा स्कूल-टू-स्कूल ट्रांसफर

NCERT की नई पहल से छात्रों को मिलेगा seamless migration। NCERT को मिली कक्षा 10 और 12 प्रमाणपत्रों की समानता तय करने की जिम्मेदारी।कक्षा 10 और 12 के प्रमाणपत्रों में अब पूरे भारत में होगी समानता, PARAKH करेगा निर्धारण, छात्रों के लिए बड़ी राहत एनसीईआरटी देगा सभी बोर्ड सर्टिफिकेट्स की राष्ट्रीय मान्यता।

NCERT Certificate Equivalence: छात्रों के लिए एक बड़ी और खुशखबरी भरी खबर सामने आई है। भारत सरकार ने राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (NCERT) को अब कक्षा 10वीं और 12वीं के प्रमाणपत्रों की समानता (Equivalence) तय करने की जिम्मेदारी सौंपी है। यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक बदलाव की शुरुआत माना जा रहा है। सरकार ने एनसीईआरटी (NCERT) को भारत के विभिन्न स्कूल शिक्षा बोर्डों द्वारा दिए जाने वाले कक्षा 10 और कक्षा 12 के प्रमाणपत्रों के समानता (equivalence) निर्धारण का जिम्मा सौंपा है। इसका उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा संस्थानों में दाखिले और केंद्र/राज्य सरकारों में नौकरी के लिए एक समान मान्यता देना है। यह काम अब PARAKH नामक राष्ट्रीय मूल्यांकन केंद्र के माध्यम से किया जाएगा, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत स्थापित है।

NCERT (File Photo: ANI)

एनसीईआरटी (फाइल फोटो: ANI)

प्रमाणपत्रों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं

नई व्यवस्था से सभी मान्यता प्राप्त बोर्डों के प्रमाणपत्रों में समानता सुनिश्चित होगी, जिससे छात्रों के लिए बोर्ड बदलना या विभिन्न राज्यों में शिक्षा जारी रखना आसान और मानक के अनुरूप होगा।यह समानता पूरे देश में मान्य होगी और पिछले AIU के सिस्टम को प्रतिस्थापित करती है। सरकार के इस निर्णय का उद्देश्य छात्रों को उच्च शिक्षा और सरकारी नौकरियों में समान अवसर देना है। अब छात्रों को बोर्ड बदलने या किसी राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर अपनी पढ़ाई के प्रमाणपत्रों को लेकर चिंता करने की जरूरत नहीं रहेगी।

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