मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने गुरुवार को कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा का पेपर लीक होने की अफवाहों को खारिज करते हुए कहा कि इस बारे में भ्रम फैलाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। पेपर लीक का मुद्दा गुरुवार को मध्य प्रदेश विधानसभा में कांग्रेस विधायक तरुण भनोट ने उठाया था। उन्होंने दावा किया कि राज्य में लगातार पेपर लीक हो रहा है और सोशल मीडिया की मदद से कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं पेपर 100 और 200 रुपये में बिक रहे थे। ऐसे में साल भर तैयारी करने वाले प्रदेश के युवाओं का भविष्य अंधकार में दिख रहा था।
एमपी बोर्ड पेपर लीक 2023 को लेकर अफवाहें
भनोट की बात पर प्रतिक्रिया देते हुए परमार ने कहा, 'पहली नजर में जो पेपर वायरल हुआ था, हमने उसकी जांच कराई तो इस बात का पता चला कि पेपर फर्जी है लेकिन बच्चों में भ्रम फैल रहा है। इसके अलावा हमारे विभाग ने एक आवेदन भी किया गया है। क्राइम ब्रांच की ओर से कार्रवाई शुरू कर दी है, दो से तीन दिन में रिजल्ट जारी हो जाएगा।'
शिक्षा मंत्री ने कहा, 'हम उन सभी का पता लगा रहे हैं जो पेपर लीक का भ्रम फैला रहे हैं। हाल में एक मीडिया रिपोर्ट उसी के लिए आई थी, हम उस पर भी कार्रवाई करेंगे। हमने एक टीम बनाई है जो जांच कर रही है कि क्या कोई हमारे विभाग या बाहर का इसमें दोषी है। ऐसे लोगों पर हम सख्त कार्रवाई करेंगे। हमने वायरल पेपर की भी जांच की है जोकि मूल प्रश्न पत्र से मेल नहीं खा रहा है।'
इसके अलावा भोपाल साइबर क्राइम ब्रांच के डीसीपी अमित कुमार ने एएनआई को बताया, 'माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से एक शिकायत हुई है, जिसमें बताया गया है कि कक्षा 10वीं और कक्षा 12वीं के नाम पर सोशल मीडिया साइट्स पर कुछ ग्रुप बनाए गए हैं। शिकायत के बाद हमने एफआईआर दर्ज कर ली है।'
करीब 10 ऐसे ग्रुप हैं जिनमें पेपर बांटे जा रहे हैं। कुछ पैसे लेकर ग्रुप में लोगों को जोड़ा जा रहा है। माध्यमिक शिक्षा मंडल के संज्ञान में आया कि कुछ ग्रुप बन गए हैं जो फर्जी पेपर बेच रहे हैं। अधिकारी ने कहा कि कुछ बुनियादी जानकारी के अनुसार यह पता चला है कि ऐसे ग्रुप गुजरात से बने हैं, अभी जांच चल रही है, जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा।
