Kya BA Ke Baad MBA Kar Sakte Hain: यदि आप भी बैचलर ऑफ आर्ट्स (BA) कर रहे हैं या फिर किया है और आगे मैनेजमेंट में अपना करियर बनाना चाहते हैं तो आपके लिए एमबीए एक अच्छा विकल्प हो सकता है। अधिकतर छात्रों को लगता है कि एमबीए करने के लिए 12वीं में कॉमर्स या मैनेजमेंट विषय होना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं है बीए, बीएससी या बीकॉम किसी भी अन्य स्ट्रीम से ग्रेजुएशन करने के बाद मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (Master Of Bussiness Administration) किया जा सकता है। हालांकि एडमिशन के लिए संबंधित कॉलेज या यूनिवर्सिटी की पात्रता व शर्तें निर्भर करती हैं। ऐसे में यहां आप जान सकते हैं कि क्या बीए के बाद एमबीए कर सकते हैं? बीए के बाद एमबीए किस सब्जेक्ट में कर सकते हैं?
Kya BA Ke Baad MBA Kar Sakte Hain: क्या BA के बाद MBA कर सकते हैं
BA के बाद MBA में कैसे मिलेगा एडमिशन
बैचलर ऑफ आर्ट्स की डिग्री पूरा करने के बाद आप मास्टर्स ऑफ बिजनेस एडमिनिस्ट्रेशन (MBA) में एडमिशन के लिए मैनेजमेंट एंट्रेंस एग्जाम की तैयारी कर सकते हैं। देश के कई प्रमुख संस्थानों में प्रवेश के लिए CAT जैसी परीक्षाएं महत्वपूर्ण होती हैं। इसके अलावा कई संस्थान या यूनिवर्सिटी अपने नियमों के अनुसार या अन्य प्रवेश परीक्षाओं के आधार पर एडमिशन देते हैं।
BA वालों के लिए कौन-कौन से विकल्प?
बीए में भूगोल, राजनीति विज्ञान, समाजशास्त्र, इतिहास, हिंदी या अंग्रेजी जैसे विषय पढ़ने वाले विद्यार्थी MBA के बाद अपनी रुचि के अनुसार स्पेशलाइजेशन चुन सकते हैं। एमबीए इन ह्यूमन इन रिसोर्सेस मैनेजमेंट (MBA in Human Resource Management) उन विद्यार्थियों के लिए अच्छा विकल्प हो सकता है, जिन्हें लोगों के साथ काम करने और टीम मैनेजमेंट में रुचि है। वहीं कम्युनिकेशन और क्रिएटिविटी में रुचि रखने वाले छात्र मार्केटिंग और सेल्स की ओर जा सकते हैं। इसके अलावा ऑपरेशंस, इंटरनेशनल बिजनेस, बिजनेस एनालिटिक्स और सप्लाई चेन मैनेजमेंट जैसे क्षेत्रों में भी करियर बनाया जा सकता है। हालांकि किसी विशेष क्षेत्र में जाने के लिए जरूरी स्किल्स और विषय की समझ विकसित करना भी महत्वपूर्ण है।
MBA के बाद मिलेंगे ये स्कोप
MBA पूरा करने के बाद विद्यार्थी निजी कंपनियों, स्टार्टअप, बैंकिंग, कंसल्टिंग, ई-कॉमर्स, FMCG और अन्य सेक्टर में नौकरी के अवसर तलाश सकते हैं। पद के तौर पर HR मैनेजर, मार्केटिंग एग्जीक्यूटिव, बिजनेस डेवलपमेंट मैनेजर, ऑपरेशंस मैनेजर और मैनेजमेंट कंसल्टेंट जैसे विकल्प सामने आ सकते हैं। एक्सपीरियंस बढ़ने के साथ प्रमोशन हो सकता है।
