Kashmir School Timing Changes: घाटी में कड़ाके की ठंड ने धीरे-धीरे अपनी दस्तक देनी शुरू कर दी है, जिसका असर अब बच्चों की दिनचर्या और स्कूल के समय पर भी साफ दिखने लगा है। सुबह की सर्द हवाओं और ठिठुरन के बीच बस्ता टांगकर सुबह-सुबह स्कूल जाने वाले छोटे बच्चों को इस बदलाव से बड़ी राहत मिलेगी। स्कूल शिक्षा निदेशालय कश्मीर (DSEK) ने बदलते मौसम को ध्यान में रखते हुए कश्मीर संभाग के सभी सरकारी और मान्यता प्राप्त निजी स्कूलों के संचालन समय में बदलाव का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। यह नया समय 15 अक्टूबर यानी आज से पूरे संभाग में प्रभावी हो गया है। बता दें कि यह निर्देश निदेशालय द्वारा 14 अक्टूबर जारी किया गया था।
क्या है स्कूलों का नया समय?
बता दें कि निदेशालय द्वारा जारी किए गए आदेश के मुताबिक, कश्मीर घाटी के स्कूलों को भौगोलिक स्थिति के आधार पर दो अलग-अलग श्रेणियों में बांटा गया है -
श्रीनगर नगर निगम सीमा के भीतर आने वाले स्कूल: इन स्कूलों के खुलने का समय सुबह 10:00 बजे और छुट्टी का समय दोपहर 3:30 बजे निर्धारित किया गया है।
श्रीनगर सीमा से बाहर और घाटी के अन्य इलाके: नगर सीमा से बाहर स्थित स्कूल और कश्मीर घाटी के बाकी जिलों के संस्थान सुबह 10:30 बजे शुरू होंगे और उनकी छुट्टी शाम 4:00 बजे होगी।
बता दें कि ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में हुआ बदलाव छात्रों के लिए राहत भरा है। उन्हें सुबह होने वाली ठिठुरन वाली ठंड से राहत मिलेगी। लेकिन जारी निर्देश में यह भी ध्यान रखा गया है कि शहर और ग्रामीण इलाकों के स्कूलों में पढ़ाई के कुल घंटे बराबर रहे। बस ठंड के प्रभाव को देखते हुए शुरुआत और अंत के वक्त में थोड़ा अंतर किया गया है।
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क्यों पड़ी समय बदलने की जरूरत?
हर साल कश्मीर में जैसे-जैसे सर्दी बढ़ती है, सुबह और शाम के तापमान में भारी गिरावट दर्ज होने लगती है। खासकर सुबह के समय कड़ाके की ठंड और कोहरे के बीच छोटे बच्चों को घर से निकलने में काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता है। बच्चों के स्वास्थ्य और उनकी सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही हर साल इस मौसम में स्कूलों की टाइमिंग में बदलाव किया जाता है, ताकि वे सर्द हवाओं के सीधे संपर्क में आने से बच सकें।
सख्ती से पालन और अभिभावकों के लिए सलाह
शिक्षा निदेशालय ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सभी संबंधित स्कूलों को इस नए समय का सख्ती से पालन करना होगा। इसमें किसी भी प्रकार की ढील बर्दाश्त नहीं की जाएगी। जिला प्रशासन, मुख्य शिक्षा अधिकारियों और उपायुक्तों को इसे जमीन पर लागू कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
अभिभावकों को सलाह
बच्चों के अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वह स्कूलों के साथ तालमेल बनाए रखें, क्योंकि समय बदलने से स्कूल बस, वैन या अतिरिक्त कक्षाओं की टाइमिंग में भी बदलाव आ सकता है। इसके अलावा, यह आदेश केवल स्कूल खुलने और बंद होने के समय से जुड़ा है।
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अन्य राज्यों में भी बदलेगा समय
कश्मीर में समय बदलने के साथ ही आने वाले दिनों में बढ़ती ठंड को देखते हुए पहाड़ी इलाकों के साथ मैदानी इलाकों के स्कूलों में भी समय बदलने का सिलसिला शुरू होगा। छात्रों को सुबह की ठंड से बचाने के लिए हर साल राज्यों के शिक्षा निदेशालयों द्वारा समय के बदलाव को लेकर आदेश जारी किया जाता है।
