JEE Main 2023: बॉम्बे हाई कोर्ट (Bombay High Court) आज 2 मई यानी मंगलवार को जेईई मेन (JEE Main 2023) के 75 फीसदी पात्रता मानदंड को हटाने की याचिका पर सुनवाई करेगा। ये याचिका इस प्रयास के लिए 75 प्रतिशत (JEE Main) पात्रता मानदंड को चुनौती देने के लिए दायर की गई है। इस मामले पर आज दोपहर 1:30 बजे से पहले सुनवाई होने की उम्मीद है।
JEE Main 2023: बॉम्बे हाई कोर्ट में आज सुनवाई।
बॉम्बे हाई कोर्ट में दायर जनहित याचिका में कहा गया है कि उनके द्वारा बनाए गए अंक उनकी वास्तविक क्षमता का सही प्रतिबिंब नहीं हैं, इसलिए इस साल की परीक्षाओं के लिए पात्रता मानदंड (75 फीसदी) की तुलना में कम अंक वाले छात्र आगामी जेईई मेन 2023 में बहुत अधिक अंक प्राप्त कर सकते हैं और अगर उन्हें एक उचित अवसर से वंचित किया जाता है जो लाखों उज्ज्वल छात्रों के भविष्य को प्रभावित करेगा।
इस साल जारी जेईई एडवांस ब्रोशर के अनुसार छात्रों को 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा में कम से कम 75 प्रतिशत अंक प्राप्त चाहिए, जबकि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पीडब्ल्यूडी उम्मीदवारों के लिए कुल अंक कम से कम 65 प्रतिशत होना चाहिए, या अपने संबंधित बोर्ड के सफल उम्मीदवारों के श्रेणीवार शीर्ष 20 प्रतिशतक के अंदर होना चाहिए।
ये पात्रता मानदंड पहले भी प्रचलन में था, लेकिन कोविड के वर्षों में इसे अस्थायी रूप से हटा दिया गया था। हालांकि जैसा कि सभी राज्य और राष्ट्रीय बोर्ड सामान्य स्थिति में लौट आए, मानदंड भी बहाल कर दिया गया। बाल कार्यकर्ता अनुभा श्रीवास्तव सहाय की ओर से दायर याचिका पर 24 अप्रैल को बॉम्बे हाई कोर्ट में कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजय वी गंगापुरवाला और न्यायमूर्ति संदीप वी मार्ने की पीठ ने सुनवाई की। हालांकि एनटीए का प्रतिनिधित्व कर रहे वकील रुई रोड्रिग्स ने जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा और मामले की सुनवाई एक सप्ताह के बाद करने की मांग की।
