भारत में शिक्षा का नया अध्याय; AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग बनेगा नई पीढ़ी के तकनीकी भविष्य का आधार

भारत की शिक्षा व्यवस्था अब नई दिशा में कदम बढ़ा रही है, जहां तकनीक और नवाचार शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनेंगे। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को स्कूली पाठ्यक्रम में शामिल करने की तैयारी शुरू हो चुकी है। इस पहल का उद्देश्य बच्चों को भविष्य की तकनीकी दुनिया के लिए तैयार करना और उनकी सोचने-समझने की क्षमता को विकसित करना है।

AI in Indian Education: भारत में शिक्षा व्यवस्था अब तेजी से आधुनिक दिशा में बढ़ रही है। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि आने वाले वर्षों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग (CT) को स्कूली शिक्षा का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया जाएगा। इसका उद्देश्य यह है कि बच्चे केवल किताबों तक सीमित न रहें, बल्कि भविष्य की तकनीकों को समझने और रचनात्मक रूप से सोचने की क्षमता विकसित करें। इस दिशा में CBSE, NCERT, KVS, NVS सहित सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के सहयोग से एक एकीकृत और समावेशी पाठ्यक्रम तैयार किया जा रहा है।

AI and Computational Thinking In Indian Education (Symbolic Photo: Canva)

AI और कम्प्यूटेशनल थिंकिंग को भारतीय शिक्षा का हिस्सा बनाने की योजना (प्रतीकात्मक फोटो: Canva)

यह कार्य राष्ट्रीय पाठ्यचर्या रूपरेखा (NCF-SE 2023) के अंतर्गत किया जा रहा है ताकि देशभर में शिक्षा का स्तर समान और वैश्विक मानकों के अनुरूप हो सके। हाल ही में नई दिल्ली में हुई एक बैठक में विशेषज्ञों और शिक्षा संस्थानों ने इस विषय पर विस्तृत चर्चा की। बैठक के दौरान CBSE ने IIT मद्रास के प्रोफेसर कार्तिक रमन की अध्यक्षता में एक विशेषज्ञ समिति गठित की है, जो AI और CT से संबंधित संपूर्ण पाठ्यक्रम तैयार करेगी।

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