Drone Training Program by IIT Guwahati: ड्रोन टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ-साथ अब देश के टॉप कॉलेजों में भी ड्रोन ट्रेनिंग सेंटर शुरू किया जा रहा है। इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलाॅजी (IIT) गुवाहाटी ने रिसर्च पार्क में भारत का सबसे बड़ा रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) लॉन्च किया है। यह एक साथ 9 मध्यम श्रेणी के ड्रोन उड़ाने की क्षमता रखता है।
ड्रोन ट्रेनिंग प्रोग्राम लॉन्च
आईआईटी गुवाहाटी का यह प्रोजेक्ट 2030 तक भारत को वैश्विक ड्रोन हब के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है। भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दृष्टिकोण के अंतर्गत ‘नमो ड्रोन दीदी’ पहल में इससे योगदान मिलेगा।
ड्रेन ट्रेनिंग के बाद मिलेगा सर्टिफिकेट
आईआईटी गुवाहाटी में रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन (RPTO) को नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) द्वारा लॉन्च किया गया है। इसमें ट्रेनिंग पाने वाले युवाओं को DGCA द्वारा स्वीकृत रिमोट पायलट सर्टिफिकेट (RPC) से सम्मानित किया जाएगा। यह सर्टिफिकेट उन्हें कानूनी रूप से ड्रोन संचालित करने और प्रमाणित ड्रोन पायलट के रूप में करियर बनाने के लिए होगा।
किसे मिलेगा मौका?
IIT गुवाहाटी में रिमोट पायलट ट्रेनिंग ऑर्गनाइजेशन की शुरुआत ड्रोन ट्रेनिंग (IIT Guwahati launches remote pilot training Organisation) को आगे बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू हुआ है। इसमें स्टूडेंट्स और अन्य लोगों को आवश्यकता से लैस किया जाएगा। शुरुआत में RPTO एक DGCA-प्रमाणित मीडियम क्लास ड्रोन पायलट ट्रेनिंग कोर्स शुरू करेगा, जो उत्तर पूर्व और भारत के अन्य क्षेत्रों में स्टूडेंट्स के कौशल को बढ़ाने के लिए तैयार किया गया है।
इस ट्रेनिंग प्रोग्राम में ड्रोन टेक्नोलॉजी की पढ़ाई करवाई जाएगी। इसके अलावा, सॉफ्टवेयर ऑपरेशन, रिमोट पायलट ट्रेनिंग और सिविल एप्लीकेशन के बारे में सिखाया जाएगा। इसमें ट्रेनिंग लेकर एक बेहतर ड्रोन पायलट बन सकते हैं। नमो ड्रोन दीदी स्कीम के तहत महिलाओं को 15 दिनों की ट्रेनिंग भी दी जाएगी। बता दें कि इस वर्ष यानि 2024 के अंतरिम बजट में भी सरकार ने नमो ड्रोन दीदी स्कीम के लिए INR 500 करोड़ आवंटित किए हैं।
