How to Become Pilot After 12th: हवा में उड़ने और पायलट बनने का सपना अपने बचपन में आपने भी जरूर देखा होगा। लेकिन इस सपने को पूरा कैसे करें सवाल ये है। तो इसका उत्तर है कि पायलट बनकर। अब नया सवाल ये उठता है कि पायलट कैसे बनें। कैसे लग्जरी और रोमांच से भरी इस फील्ड में कदम रखें। कैसे वो सम्मान पाएं जो हर पायलय को मिलता है। तो बता दें कि आपके इन सभी प्रश्नों के उत्तर हैं। जिन्हें आज हम इस स्टोरी के माध्यम से देंगे। यहां पायलट की पढ़ाई से लेकर लाइसेंस तक पूरा रोड मैप आपको मिलेगा।
12वीं के बाद पायलट कैसे बनें (Photo- Canva)
पायलट बनने के लिए क्या एलिजिबिलिटी होती है?
पायलट बनने के लिए छात्र का किसी भी मान्यता प्राप्त संस्थान से 12वीं पास होना अनिवार्य है। इसमें शर्त यह है कि छात्र साइंस स्ट्रीम से हो और उसके मुख्य विषयों में फिजिक्स, गणित और अंग्रेजी विषय हों, जिसमें छात्र के कम से कम 50 प्रतिशत अंक होने अनिवार्य है। यदि आपके पास यह विषय नहीं है तो आप पायलट बनने के लिए एलिजिबल नहीं है। इसलिए उम्मीदवार 10वीं पास कर 11 में विषय उसके अनुसार चुनें।
पायलट बनने की आयु सीमा क्या है?
यदि आप कमर्शियल पायलट लाइसेंस के लिए आवेदन करना चाहते हैं तो आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। जबकि छात्र पायलट लाइसेंस के लिए आयु सीमा 16 वर्ष है।
पायलट बनने के लिए पढ़ाई?
पायलट बनने के लिए 12वीं पास छात्र DGCA यानी डायरेक्टर जनरल ऑफ सिविल एविएशन से मान्यता प्राप्त किसी भी फ्लाइंग स्कूल या एकेडमी में प्रवेश ले सकता है। भारत में किसी अच्छे फ्लाइंग स्कूल में ट्रेनिंग 14 से 15 महीने की होती है, जिसमें करीब 50 से 55 लाख रुपये तक का खर्च आता है। एक बार फ्लाइंग स्कूल से शिक्षा लेने के बाद उम्मीदवार एक पायलट बन प्लेन उड़ाने के लिए लाइसेंस ले सकते हैं और अपने करियर की शुरुआत कर सकते हैं।
पायलट बनने के लिए मेडिकल टेस्ट है जरूरी
बता दें कि पायलट बनने के लिए उम्मीदवार का न केवल मानसिक रूप से बल्कि शारीरिक रूप से भी स्वस्थ होना अनिवार्य है। उम्मीदवार का विजन अच्छा होना चाहिए और उन्हें किसी प्रकार की कोई गंभीर बीमारी नहीं होनी चाहिए। इसके साथ ही बता दें कि पायलट बनने के लिए उम्मीदवार को डायरेक्ट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) के डॉक्टर से मेडिकल सर्टिफिकेट लेना होगा। बाहर के किसी डॉक्टर द्वारा प्राप्त मेडिकल सर्टिफिकेट मान्य नहीं होता है।
लाइसेंस कितने प्रकार के होते हैं?
बता दें कि पायलट फील्ड में तीन प्रकार के लाइसेंस होते हैं। जो इस प्रकार है -
SPL (Student Pilot License)- उम्मीदवार शुरुआती लेवल पर इस लाइसेंस के लिए अप्लाई कर सकता है।
CPL (Commercial Pilot License)- कमर्शियल पायलट लाइसेंस है, इसके लिए केवल वह उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं, जिन्हें 200 घंटे की उड़ान का अनुभव होता है और साथ ही एक लिखित परीक्षा भी पास करनी होती है।
PPL (Private Pilot License)- पीपीएल प्राइवेट पायलट लाइसेंस होता है, जिसमें उम्मीदवार को प्राइवेट विमान उड़ाना सिखाया जाता है।
पायलट बनने के लिए कौन-सी स्किल्स जरूरी है?
अगर आपका सपना केवल पायलट नहीं बल्कि एक सफल पायलट बनने का है तो, केवल आपके पास इसके लिए डिग्री और लाइसेंस होना जरूरी नहीं है। बल्कि इसके लिए अच्छी स्किल्स भी आवश्यक है। इन स्किल्स में शामिल है निर्णय लेने की क्षमता, कॉन्फिडेंस, डिसिप्लिन और बेहतरीन कम्यूनिकेशन, दबाव में काम करने की क्षमता, स्थिति को परखते हुए फैसले लेने आना और टीम मैनेजमें। एक अच्छा पायलट वही होता है, जिसमें यह सभी स्किल्स मौजूद होती है, क्योंकि वह परिस्थितियों को परखते हुए आवश्यकता के अनुसार निर्णय ले पाता है। एयर ट्रैफिक कंट्रोल और अपने क्रू मेंबर के साथ एक अच्छा कम्युनिकेशन स्थापित कर पाता है।
