Kanya Sumangala Yojana 2022: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने लगातार दूसरी बार प्रदेश की बागडोर संभालने के बाद, राज्य के हित में एक के बाद एक फैसले लेना शुरू कर दिया है। एक तरफ जहां सरकार माफियाओं के घर बुलडोजर चला रही है। वहीं प्रदेश की महिलाओं व बेटियों को सशक्त व शिक्षित बनाने की कवायद भी शुरू हो चुकी है। स्कूल चलो अभियान के तहत गांव के बच्चों को स्कूल के लिए प्रेरित किया जा रहा है। वहीं कन्या सुमंगला योजना के जरिए गांव के किसान, गरीब व असहाय लोगों की दहलीज पर शिक्षा की लौ पहुंचाने का कार्य किया जा रहा है। इस योजना का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के शिक्षा में (Kanya Sumangala Online Registration) आ रही बाधाओं को दूर करना है। तथा बालिकाओं व महिलाओं के सामाजिक सुरक्षा के साथ विकास हेतु नये अवसर प्रदान करना है।
कन्या सुमंगला योजना के लिए करें आवेदन
इस योजना के जरिए प्रदेश में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग की बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक की पढ़ाई के लिए आर्थिक सहायता दी जाएगी। योजना का लाभ उठाने के लिए माता-पिता को बेटियों के जन्म के तुरंत बाद रजिस्ट्रेशन करवाना होगा। यदि आपके घर भी बेटियां हैं तो इस योजना का लाभ अवश्य उठाएं। इस योजना के तहत योगी सरकार ना केवल बेटियों के जन्म से लेकर स्नातक तक का खर्चा उठाएगी बल्कि 21 वर्ष पूर्ण हो जाने पर विवाह के लिए भी आर्थिक मदद की जाएगी। ऐसे में यदि आप अब तक (Mukhyamantri Kanya Sumangala Yojana) इस योजना से अनजान हैं, तो हमारे इस लेख पर एक नजर अवश्य डालें। यहां आप योजना का लाभ व आवेदन संबंधी संपूर्ण जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
Kanya Sumangala Yojana, क्या है स्कीम
कन्या सुमंगला योजना के तहत बेटियों को पूरी 15000 रुपये दिए जाते हैं। इसे कुल 6 श्रेणियों में विभाजित किया गया है। बेटी का जन्म होने पर 2000 एक मुश्त राशि दी जाएगी। बालिका के एक साल के टीकाकरण के बाद 2000 रुपये एक मुश्त राशि दी जाएगी। वहीं कक्षा 1 में एडमिशन के वक्त 2000 रुपये, कक्षा 6 में दाखिला हेतु 2000 रुपये दिए जाएंगे। कक्षा 9 में एडमिशन के लिए 3000 रुपये और कक्षा 12वीं पास करने के बाद स्नातक (ग्रेजुएशन) में एडमिशन हेतु 5000 एक मुश्त राशि दी जाएगी। इसके अलावा 21 वर्ष पूर्ण होने पर विवाह के लिए 51 हजार रुपये बैंक खाते में हस्तांतरित किए जाएंगे। हालांकि इस योजना का लाभ उठाने के लिए कुछ नियम और शर्तें निर्धारित की गई हैं। आइए जानते हैं।
कन्या सुमंगला योजना के नियम व शर्तें
- लाभार्थी का परिवार यूपी का मूल निवासी होना चाहिए तथा यहां स्थायी निवास प्रमाण पत्र/ राशन कार्ड/ आधार कार्ड/ पहचान पत्र/ बिजली का बिल या टेलीफोन का बिल मान्य होगा।
- लाभार्थी की पारिवारिक वार्षिक आय 3 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए।
- ध्यान रहे एक परिवार की दो बच्चियों को ही योजना का लाभ मिल सकता है।
- परिवार में अधिकतम दो बच्चें हों।
- दूसरे प्रसव में महिला को दो जुड़वा बच्चे होते हैं, तो तीसरी संतान के रूप में लड़की को भी लाभ मिलेगा।
- किसी महिला को एक प्रसव में बेटी व दूसरे प्रसव में जुड़वा बेटी होने पर तीनों योजना की पात्र होंगी।
- वहीं किसी परिवार ने यदि अनाथ बच्चे को गोद लिया है, तो परिवार के जैविक संतान व गोद ली गई संतान को शामिल करते हुए अधिकतम दो बेटियां इस योजना की लाभार्थी होंगी।
- कन्या सुमंगला योजना के लिए पंजीकरण करने के लिए सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट sky.up.gov.in पर जाएं।
- नागरिक सेवा पोर्टल के भीतर, आवेदन करें पर क्लिक करें।
- नियम व शर्तों को ध्यान से पढ़ने के बाद सहमति पर कंफर्म करें।
- एप्लीकेशन फॉर्म पूरा भरें, रजिस्ट्रेशन नंबर व पासवर्ड आपके फोन पर एसएमएस के माध्यम से आ जाएगा।
- होमपेज पर जाकर रजिस्ट्रेशन नंबर व पासवर्ड दर्ज कर साइन इन करें।
- इसके बाद आवेदन फॉर्म पूरा भरें, मांगे गए सभी जरूरी दस्तावेज स्कैन कर अपलोड करें।
- इसके बाद कैप्चा एंटर कर सबमिट पर क्लिक करें।
- सुमंगला योजना के लिए आपकी बेटी का आवेदन स्वीकार कर लिया जाएगा।
बैंक खाते में ट्रांसफर की जाएगी धनराशि
लाभार्थी को योजना के अंतर्गत देय राशि पी.एफ.एम.एस के माध्यम से उसके बैंक खाते में हस्तांतरित किया जाएगा। लाभार्थी के अवयस्क होने पर माता के बैंक खाते में धन राशि ट्रांसफर की जाएगी। वहीं यदि दुर्भाग्यवश माता के ना रहने पर (मृत्यु) धनराशि पिता के खाते में जाएगी। माता व पिता दोनों के ना रहने पर धनराशि अभिभावक को दी जाएगी। लाभार्थी के वयस्क होने पर धनराशि सीधे उसके खाते में हस्तांतरित की जाएगी।
कन्या सुमंगला योजना का उद्देश्य
इस योजना का मुख्य उद्देश्य में बेटियों की शिक्षा व स्वास्थ्य की स्थिति को मजबूत करना है ताकि महिलाएं समाज में पुरुषों से कंधे से कंधा मिलाकर चल सकें। साथ ही कन्या भ्रूण हत्या को समाप्त करना व प्रदेश में समान लिंगानुपात स्थापित करना है। तथा बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर विराम लगाना है।
