How NTA Make Neet Question Paper: जिस परीक्षा के जरिए देश के युवा डॉक्टर बनने का सपना देखते और साकार करते हैं, वही आज सवालों के कटघरे में है। एक बार फिर राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी (National Testing Agency) की लापरवाही के चलते राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (National Eligibility cum Entrance Test) का पेपर लीक होने के चलते रद्द कर दिया गया है। वहीं अब एजेंसी राष्ट्रीय परीक्षण एजेंसी ने के साथ बैठक के बाद नीट यूजी परीक्षा की नई तारीख 21 जून 2026 घोषित की है। हालांकि अब छात्रों व अभिभावकों का सवाल है कि क्या गारंटी है कि फिर से एनटीए लीक प्रूफ एग्जाम करा पाएगा? क्या नीट परीक्षा लीक नहीं होगी? नीट यूजी का पेपर कैसे तैयार होता है? नीट का पेपर कौन तैयार करता है? पेपर कहां छपता है? और परीक्षा केंद्र तक इसे कैसे पहुंचाया जाता है? Clean करो NEET के इस मुहिम में आप इन सभी सवालों के जवाब जान सकते हैं।
How NTA Make Neet Question Paper: नीट का क्वेश्चन पेपर कैसे तैयार होता है
How To Prepare NEET Question Paper: नीट यूजी का पेपर कैसे तैयार होता है
नीट पेपर की शुरुआत काफी सीक्रेट तरीके से होती है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) एक पैनल बनाती है। इसमें सब्जेक्ट वाइज एक्सपर्ट प्रोफेसर की नियु्क्ति की जाती है। यह वो लोग होते हैं जिन्हें खुद नहीं पता होता है कि इनके बनाए हुए सवाल पेपर में पूछे जाएंगे। सवाल फाइनल होने के बाद उसे एक इन्क्रिप्टेड फाइल में बदल दिया जाता है। इस फाइल को एक खास कोड के साथ खोला जाता है, जिसे निर्धारित अधिकारी ही एक्सेस कर पाते हैं।
How To Prepare NEET Question Paper: पेपर सेटिंग और कोडिंग
बता दें फाइनल सवालों को एक सुरक्षित डिजिटल सिस्टम में व्यवस्थित किया जाता है। यह चरण सबसे ज्यादा गोपनीय माना जाता है।
- पूरी प्रक्रिया इंटरनेट से अलग सुरक्षित सर्वर पर की जाती है।
- पेपर तक सीमित अधिकारियों की ही पहुंच होती है।
- इसके लिए अलग-अलग पेपर सेट और कोड तैयार किए जाते हैं।
- प्रश्नों का क्रम बदला जा सकता है ताकि नकल की संभावना कम हो।
NEET का पेपर कहां प्रिंट होता है?
इस प्रक्रिया के बाद पेपर की प्रिंटिंग होती है। यह कोई आम प्रिंटिंग प्रेस नहीं होता है। यहां आप स्टेप बाय स्टेप पेपर प्रिंटिंग प्रक्रिया जान सकते हैं।
- प्रिंटिंग हाई-सिक्योरिटी प्रेस में होती है।
- यहां CCTV निगरानी और बायोमेट्रिक एंट्री जैसी सुरक्षा रहती है।
- पेपर प्रिंट होने के बाद तुरंत सीलबंद पैकेट में रखा जाता है।
- हर पैकेट पर कोड और ट्रैकिंग नंबर लगाए जाते हैं।
- कर्मचारियों के मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस अंदर ले जाने पर रोक होती है।
राज्यों और शहरों तक पहुंचता है पेपर
एनटीए की मानें तो प्रश्नपत्रों को बेहद गोपनीय तरीके से अलग अलग राज्यों तक भेजा जाता है। यहां ट्रांसपोर्टेशन के दौरान सुरक्षा एजेंसियों की निगरानी रहती है। कई जगह GPS ट्रैकिंग का इस्तेमाल किया जाता है। प्रश्नपत्रों को स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता है। यहां 24 घंटे सुरक्षा रहती है।
एग्जाम सेंटर तक क्वेश्चन पेपर कैसे पहुंचता है
बता दें नीट का पेपर बेहद गोपनीय तरीके से परीक्षा केंद्रों तक पहुंचाया जाता है। क्वेश्चन पेपर की छपाई के बाद इसे जीपीएस वाले वाहनों और पुलिस सुरक्षा में स्ट्रॉन्ग रूम तक भेजा जाता है। इसके बाद परीक्षा से ठीक पहले ये प्रश्नपत्र डिजिटल लॉक वाले ट्रंक में केंद्र निरीक्षक को सौंपे जाते हैं। साथ ही यह सुनिश्चित किया जाता है कि परीक्षा शुरू होने से पहले कोई भी व्यक्ति पेपर तक पहुंच न सके।
पेपर वाले दिन क्या होता है?
अब छात्रों व अभिभावकों का सवाल है कि परीक्षा वाले दिन क्या होता है? बता दें एग्जाम के दिन भी सुरक्षा के कई स्तर लागू होते हैं। केंद्र अधीक्षक और ऑब्जर्वर की मौजूदगी में पेपर की सील खोली जाती है। परीक्षा कक्ष में CCTV निगरानी रहती है। वहीं परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तर पुस्तिकाओं को सुरक्षित तरीके से कलेक्ट किया जाता है। इसके बाद ओएमआर शीट को एक पैक कर सीलबंद किया जाता है। उन्हें स्कैनिंग और मूल्यांकन केंद्रों तक भेजा जाता है। फिर OMR शीट की डिजिटल जांच की जाती है।
फिर कैसे लीक हो जाता है पेपर
अब सवाल यह है कि इतनी सुरक्षा के बाद भी कैसे पेपर लीक हो जाता है? बता दें यह पहली बार नहीं है कि नीट का पेपर लीक हुआ है। इससे पहले भी कई बार इस परीक्षा में धांधली की बात सामने आई है। ऐसे में कहीं न कहीं परीक्षा की पारदर्शिता व निष्पक्षता की कमी है।
