स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लालकिले की प्राचीर से देश को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अहम घोषणा की। उन्होंने अगले एक साल में एक करोड़ युवाओं को एआई में कौशल प्रशिक्षण देने और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के निजी कोचिंग के बोझ से बचाने के लिए फ्री ऑनलाइन कोचिंग की आधारभूत संरचना बनाने का ऐलान किया। आज हर तरह एआई यानी आर्टिफिशल इंटेलिजेंसी की बात हो रही है। मेडिकल से लेकर फार्मा तक, इंजीनियरिंंग से लेकर स्पेस तक, हर सेक्टर में एआई की भागीदारी बढ़ रही है। हर देश इस समय एआई प्रोफेशनल तैयार करने में लगा है लेकिन यह समझना बेहद जरूरी है कि AI का विस्तार कितना है। क्या Chatgpt से फोटो बना लेना, कैप्शन लिखवा लेना ही एआई है?
कितनी तरह का होता है AI
AI के विस्तार को समझने के लिए इसके प्रकारों को जानना जरूरी है। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को आम तौर पर दो अलग-अलग कैटेगरी में सात मुख्य प्रकारों में बांटा जाता है: क्षमताएं यानी कैपेबिलिटी(इंसानों की तुलना में यह कितना स्मार्ट है) और कार्यक्षमता यानी फंक्शनेलिटी (यह कैसे काम करता है और मेमोरी का इस्तेमाल कैसे करता है)।
क्षमता के आधार पर कितनी तरह के हैं AI
नैरो AI (आर्टिफिशियल नैरो इंटेलिजेंस): ऐसे सिस्टम जो एक खास काम करने के लिए बनाए जाते हैं, जैसे शतरंज खेलना या भाषाओं का अनुवाद करना। आज के सभी AI टूल इसी तरह के हैं। यह अपने तय काम के अलावा कोई और काम नहीं कर सकता। इसके बजाय, यह सोचने-समझने की क्षमताओं के एक खास हिस्से पर ध्यान देता है और उसी दायरे में आगे बढ़ता है। सिरी, अमेजन का एलेक्सा और IBM Watson नैरो AI के उदाहरण हैं। OpenAI का ChatGPT भी नैरो AI का ही एक रूप है।
जनरल AI (आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस): एक थ्योरेटिकल सिस्टम जो किसी भी काम में इंसानी इंटेलिजेंस की बराबरी कर सकता है। हालांकि यह अभी मौजूद नहीं है। आर्टिफिशियल जनरल इंटेलिजेंस (AGI) को 'स्ट्रॉन्ग AI' भी कहा जाता है। यह अभी एक एक थ्योरेटिकल कॉन्सेप्ट है। AGI इंसानों द्वारा इसके अंडरलाइंग मॉडल्स को ट्रेन किए बिना ही नए काम पूरे करने के लिए अपने पिछले अनुभवों और स्किल्स का इस्तेमाल कर सकता है। इस क्षमता की वजह से AGI कोई भी ऐसा काम सीख और कर सकता है जो एक इंसान कर सकता है।
सुपर AI (आर्टिफिशियल सुपरइंटेलिजेंस): भविष्य का एक काल्पनिक AI जो इंसानी इंटेलिजेंस से कहीं ज्यादा स्मार्ट हो जाएगा। सुपर एआई भावनाओं को महसूस करने, आवश्यकताओं को समझने में सक्षम होंगे।
कार्यक्षमता के आधार AI के कितने प्रकार
रिएक्टिव मशीनें (Reactive Machines:): बिना मेमोरी वाले बेसिक सिस्टम जो सिर्फ मौजूदा इनपुट पर प्रतिक्रिया देते हैं। उदाहरण: IBM का डीप ब्लू शतरंज कंप्यूटर। उदाहरण के लिए IBM डीप ब्लू। IBM के शतरंज खेलने वाले सुपरकंप्यूटर AI ने 1990 के दशक के आखिर में शतरंज के ग्रैंडमास्टर गैरी कास्पारोव को हराया था। इसने बोर्ड पर मौजूद मोहरों का विश्लेषण करके और हर चाल के संभावित नतीजों का अनुमान लगाकर यह जीत हासिल की थी। इसी तरह नेटफ्लिक्स रिकमेंडेशन इंजन। इससे ग्राहकों को ऐसा कंटेंट दिखाया जाता है जिसे वह पसंद करें।
सीमित मेमोरी (Limited Memory): ऐसे सिस्टम जो फैसले लेने के लिए कुछ समय तक पुराना डेटा स्टोर करते हैं। उदाहरण के लिए सेल्फ-ड्राइविंग कारें और वर्चुअल असिस्टेंट। लिमिटेड मेमोरी AI, पिछले और मौजूदा समय के डेटा का इस्तेमाल कर सकता है।
थ्योरी ऑफ माइंड (Theory of Mind): AI के लिए भविष्य का एक कॉन्सेप्ट जो इंसानी भावनाओं और सामाजिक मान्यताओं को समझ सकता है।
सेल्फ-अवेयर AI (Self-Aware AI): वह स्टेज जहां AI की अपनी चेतना और आत्म-जागरूकता होती है। यह एक तरह का फंक्शनल AI है, जिसका इस्तेमाल ऐसे ऐप्लिकेशन्स में किया जाएगा जिनमें सुपर AI क्षमताएं होंगी।
