तीन महीने तक बिस्तर पर रहा बेटा तो मां बनी 'टीचर', नोट्स बनाकर पूरा कराया IIT का सपना

Gunjan Kumar JEE Success story: बेटा गुंजन 2023 में JEE की तैयारी कोटा में कर रहा था लेकिन उसकी जिंदगी ने अचानक करवट ले ली। उन्हें न्यूमोथोरैक्स (Pneumothorax) नाम की गंभीर बीमारी हो गई, जिसमें फेफड़ा सिकुड़ (Collapsed Lung) जाता है। इसके बाद मां ने मोर्चा संभाला और बेटे को IIT पहुंचाया।

Gunjan Kumar JEE Success story: यदि लक्ष्य स्पष्ट हो और साथ देने वाले लोग हों, तो बीमारी, शारीरिक चुनौतियां और मुश्किल हालात भी सपनों के रास्ते की बाधा नहीं बन सकते। गुंजन कुमार की कहानी यह संदेश देती है कि सफलता केवल प्रतिभा से नहीं, बल्कि दृढ़ इच्छाशक्ति, परिवार के सहयोग और कठिन परिस्थितियों में भी हार न मानने के जज्बे से मिलती है। हर साल लाखों छात्र JEE परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन सफलता केवल मेहनत से नहीं, बल्कि हौसले और परिवार के साथ से भी मिलती है। ऐसी ही प्रेरणादायक कहानी है बिहार के सीतामढ़ी के रहने वाले गुंजन कुमार की, जिन्होंने गंभीर बीमारी और तमाम मुश्किलों के बावजूद देश की सबसे कठिन परीक्षा JEE Advanced में सफलता हासिल कर IIT दिल्ली में कंप्यूटर साइंस ब्रांच में एडमिशन का सपना पूरा किया। उनकी सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उनकी मां गुंजा का रहा, जिन्होंने बेटे की पढ़ाई रुकने नहीं दी।

मां ने कोचिंग में पढ़कर बनाए नोट्स, बेटा पहुंचा IIT दिल्ली

मां ने कोचिंग में पढ़कर बनाए नोट्स, बेटा पहुंचा IIT दिल्ली

कोटा में तैयारी के दौरान आई सबसे बड़ी चुनौती

साल 2023 की बात है गुंजन JEE की तैयारी के लिए कोटा पहुंचे थे। उनका सपना IIT में पढ़ाई करना था। तैयारी अच्छी चल रही थी, लेकिन परीक्षा से कुछ महीने पहले उनकी जिंदगी ने अचानक करवट ले ली। उन्हें न्यूमोथोरैक्स (Pneumothorax) नाम की गंभीर बीमारी हो गई, जिसमें फेफड़ा सिकुड़ (Collapsed Lung) जाता है। इसके बाद डॉक्टर्स ने उन्हें तीन महीने तक बेड रेस्ट की सलाह दी। मुश्किल यह थी अब कोचिंग कैसे चलेगी और कोचिंग नहीं ली तो IIT जाने का सपना कैसे पूरा होगा।

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