उत्तर प्रदेश में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए बड़ी खबर है। उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC ने पशुधन प्रसार अधिकारी के 1,251 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। इन पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 9 सितंबर 2026 से शुरू होगी और अभ्यर्थी 29 सितंबर तक आवेदन कर सकेंगे। लेकिन सवाल ये है कि आखिर पशुधन प्रसार अधिकारी होते कौन हैं और उनका काम क्या होता है?
पशुधन विकास अधिकारी कौन होते हैं?
कौन होते हैं पशुधन प्रसार अधिकारी
पशुधन प्रसार अधिकारी पशुपालन विभाग से जुड़े कर्मचारी होते हैं। इनका मुख्य काम ग्रामीण इलाकों में पशुपालकों तक पशुपालन से जुड़ी जरूरी जानकारी और सरकारी योजनाओं को पहुंचाना होता है। आसान भाषा में कहें तो ये अधिकारी और विभाग के बीच एक अहम कड़ी की तरह काम करते हैं।
पशुधन प्रसार अधिकारी का काम क्या होता है
पशुधन प्रसार अधिकारी का काम क्या होता है इससे समझना जरूरी है। पशुपालकों को पशुओं की बेहतर देखभाल, खान-पान, प्रजनन, पशु स्वास्थ्य और पशुपालन से होने वाली आमदनी बढ़ाने के तरीकों के बारे में जानकारी देना भी इनके काम का हिस्सा होता है। इसके अलावा पशुधन से जुड़ी सरकारी योजनाओं और कार्यक्रमों के बारे में लोगों को जागरूक करना भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है।
वेतनमान
उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग यानी UPSSSC द्वारा कुल 1,251 पदों में 1,248 सामान्य चयन और 3 विशेष पदों पर चयन किया जाएगा। भर्ती के लिए अभ्यर्थी का जीव विज्ञान विषय के साथ इंटरमीडिएट पास होना जरूरी है। इसके अलावा मान्यता प्राप्त संस्थान से दो वर्षीय पशुधन प्रसार डिप्लोमा भी होना चाहिए। वेतनमान की बात करें तो, चयनित अभ्यर्थियों को पे लेवल-5 के तहत ₹29,200 से ₹92,300 तक का वेतनमान मिलेगा। मुख्य परीक्षा 100 अंकों की होगी और इसके लिए दो घंटे का समय निर्धारित है।
शैक्षिक योग्यता
अगर आपने बायोलॉजी से 12वीं की है और पशुधन प्रसार से जुड़ा दो वर्षीय डिप्लोमा किया है, तो ये भर्ती आपके लिए सरकारी नौकरी पाने का अच्छा मौका हो सकती है। इस भर्ती में वही अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा के लिए आगे बढ़ सकेंगे, जिन्होंने PET-2025 में हिस्सा लिया है और निर्धारित शर्तों को पूरा करते हैं। आयु सीमा 21 से 40 वर्ष रखी गई है, जबकि आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलेगी।
