उत्तर प्रदेश सरकार ने पूर्व अग्निवीरों के लिए बड़ा फैसला लिया है। पुलिस और पीएसी के बाद अब वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक की सीधी भर्ती में भी पूर्व अग्निवीरों को 20 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण देने की तैयारी है। इसके लिए भर्ती नियमावली में संशोधन किया जा रहा है। सरकार का यह फैसला भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी कर चुके अग्निवीरों के लिए रोजगार के नए अवसर खोल सकता है। वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक के पदों पर होने वाली सभी सीधी भर्तियों में यह व्यवस्था लागू किए जाने की तैयारी है। सरकार का मानना है कि सेना में प्रशिक्षण और अनुशासन का अनुभव रखने वाले पूर्व अग्निवीर वन एवं वन्यजीव संरक्षण जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में उपयोगी साबित हो सकते हैं।
यूपी वन रक्षक भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण
जानकारी के मुताबिक, यह आरक्षण उन पूर्व अग्निवीरों को मिलेगा, जिन्होंने भारतीय सशस्त्र बलों में चार वर्ष की सेवा पूरी की है। खास बात यह है कि आरक्षण संबंधित अभ्यर्थी की अपनी श्रेणी में लागू होगा। यानी सामान्य, ओबीसी, एससी और एसटी वर्ग के पूर्व अग्निवीरों को उनकी संबंधित श्रेणी के 20 प्रतिशत पदों पर इसका लाभ मिल सकेगा। वन विभाग के स्तर पर भी इस संबंध में प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है। विभागीय अधिकारियों को सेवा नियमावली में जरूरी संशोधन करने के निर्देश दिए गए हैं। इसके तहत वन रक्षक और वन्यजीव रक्षक सेवा नियमावली-2015 के संबंधित नियमों में बदलाव किया जाएगा।
कुल 3913 पद
आंकड़ों के मुताबिक, वन रक्षक के कुल 3913 पद हैं, जिनमें से 2192 पदों पर कर्मचारी कार्यरत हैं। वहीं, वर्तमान में चल रही भर्ती प्रक्रिया में करीब 700 पद शामिल हैं और 1021 पद रिक्त बताए गए हैं। नई व्यवस्था लागू होने के बाद भविष्य की भर्तियों में पूर्व अग्निवीरों को इसका लाभ मिल सकेगा। हाल ही में बिहार में भी वन रक्षक भर्ती में पूर्व अग्निवीरों को आरक्षण देने की व्यवस्था की गई है। उत्तर प्रदेश में इस फैसले के बाद पूर्व अग्निवीरों के लिए सरकारी नौकरी के अवसर और बढ़ने की उम्मीद है।
