प्रवेश परीक्षाओं का सिस्टम दुरुस्त करने की कवायद शुरू, एक्सपर्ट कमेटी की हुई पहली मीटिंग

अखिल भारतीय स्तरीय प्रवेश परीक्षाओं के सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई है। नीट व यूजीसी जैसी परीक्षाओं में आई अनियमितताओं के बाद ये फैसला लिया गया है।

प्रवेश परीक्षाओं के सिस्टम को दुरुस्त करने के लिए केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय द्वारा एक एक्सपर्ट कमेटी गठित की गई है। दिल्ली में इस कमेटी की मंगलवार को पहली मीटिंग हुई। कमेटी का गठन हाल ही में नीट व यूजीसी जैसी परीक्षाओं में आई अनियमितताओं के बाद किया गया है। इस एक्सपर्ट कमेटी का उद्देश्य प्रवेश परीक्षाओं के लिए एक बेहतर सिस्टम तैयार करना है।यह कमेटी परीक्षा प्रक्रिया के तंत्र में सुधार, डेटा सुरक्षा प्रोटोकॉल में सुधार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (एनटीए) की संरचना व कार्यप्रणाली पर सिफारिशें करेगी। यह कमेटी इसरो के पूर्व अध्यक्ष डॉ. के. राधाकृष्णन की अध्यक्षता में काम कर रही है। डॉ. के. राधाकृष्णन ने कमेटी की बैठक के विषय में जानकारी देते हुए कहा कि हमारे लिए पहली चुनौती यह है कि अगले 15 दिनों में अधिक से अधिक छात्रों व उनके अभिभावकों को इस प्रक्रिया में शामिल करें। इससे यह मालूम हो सकेगा एग्जामिनेशन सिस्टम को कैसे दुरुस्त किया जाए।

Expert committee Meeting

Expert committee Meeting

उन्होंने कहा कि एक ऐसे सिस्टम को डेवलप करने की कोशिश है जो पूरी तरीके से टेंपर प्रूफ हो। हमारी कोशिश एक ऐसे रॉबस्ट सिस्टम को भी डेवलप करने की है जिसमें किसी भी प्रकार की त्रुटि की संभावना न हो। गौरतलब है कि समिति को 2 महीने के भीतर अपनी रिपोर्ट मंत्रालय को सौंपनी है। परीक्षाओं के पारदर्शी, सुचारू और निष्पक्ष संचालन को सुनिश्चित करने के लिए विशेषज्ञों की इस उच्च स्तरीय समिति का गठन किया गया है।

End of Feed