NCERT Book Change News 2025: शिक्षा विभाग ने भारतीय शिक्षा प्रणाली में एक नया और ऐतिहासिक कदम उठाया है। अब देशभर के स्कूली छात्रों की पाठ्य पुस्तकें उनकी क्षेत्रीय भाषाओं में उपलब्ध होंगी। यह उन करोड़ों छात्रों के लिए बड़ी खुशखबरी है, जो अपने क्षेत्रीय भाषा में पढ़ाई करना चाहते हैं। बता दें यह फैसला राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के तहत लिया गया है। इसका उद्देश्य आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) जैसी एडवांस तकनीकों का प्रयोग कर शिक्षा को अधिक सुलभ, समावेशी और गुणवत्तापूर्ण बनाना है। यहां न केवल छात्रों के लिए स्कूली किताबों का अनुवाद किया जाएगा बल्कि विभिन्न भाषाओं में वीडियो लेक्चरर भी तैयार किया जाएगा। इससे विद्यार्थी पढ़ने के साथ वीडियो देखकर भी समझ सकेंगे।
बदल जाएगा पढ़ाई का सिस्टम, NCERT और IIT मद्रास ने कर ली प्लानिंग
बता दें कि औपचारिक रूप से यह समझौता एनसीईआरटी के सचिव हिमांशु गुप्ता (Himanshu Gupta) और आईआईटी मद्रास के डीन प्रोफेसर मनु संथानम (Manu Santhanam) द्वारा हस्ताक्षरित किया गया है। इस दौरान संजय कुमार, आईएएस, सचिव (एसई एंड एल), शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार भी उपस्थित रहे। उन्होंने कहा कि यह एनईपी-2020, एनसीएफ-एफएस 2022 और एनसीएफ एसई 2023 के उद्देश्यों को पूरा करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
22 अनुसूचित भाषाओं में उपलब्ध होंगी पुस्तकें
साथ ही उन्होंने कहा कि सभी पुस्तकों को डिजिटल रूप में तैयार किया जाना चाहिए और बच्चों की मातृभाषा में शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 22 अनुसूचित भाषाओं में पाठ्य सामग्री उपलब्ध करवाई जानी चाहिए। इसके अलावा उन्होंने यह भी बताया कि आईआईटी मद्रास तकनीकी क्षेत्र में अग्रणी है और अब शिक्षा के लिए गेमिफिकेशन, एनीमेशन, वीडियो, AR, VR, XR जैसी आधुनिक तकनीकों पर आधारित अधिक पाठ्य सामग्री तैयार की जाएगी।
पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग पर अधिक जोर
इसके अलावा सीबीएसई सचिव ने यह भी कहा कि पर्सनलाइज्ड एडेप्टिव लर्निंग (PAL) यानी हर बच्चे की समझ और जरूरत के अनुसार पढ़ाई की व्यवस्था पर अधिक जोर दिया जाएगा। इसके लिए ऐसे अच्छे शैक्षणिक और तकनीकी साधन बनाए जाएंगे, जो शिक्षकों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मदद से पढ़ाने की योजना और परीक्षा या मूल्यांकन के तरीके तैयार करने में मदद करेंगे। इससे छात्रों को भविष्य की जरूरतों के हिसाब से स्किल्स सीखने में मदद मिलेगी।
एआई और मशीन लर्निंग का इस्तेमाल बढ़ाना
इस साझेदारी के तहत एनसीईआरटी और आईआईटी मद्रास कुछ ऐसी चीजों पर कार्य करेंगे। इसमें छात्रों के लिए उच्च गुणवत्ता वाली शैक्षिक सामग्री का विकास करना व सभी तक पहुंचाना, शिक्षकों को लगातार ट्रेनिंग देना ताकि वे नई तकनीक और नए तरीके से पढ़ा सकें। इसके अलावा पढ़ाई में , आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) और मशीन लर्निंग (ML) का इस्तेमाल बढ़ाना व मिलकर रिसर्च करना और बड़े डेटा को समझना व इस्तेमाल करना भी शामिल है।
डिजिटल और शिक्षण प्रणाली को बनाएगा मजबूत
बता दें एनसीईआरटी के डायरेक्टर प्रोफेसर दिनेश प्रसाद सकलानी ने इस सहयोग की सराहना करते हुए कहा कि यह साझेदारी राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्य को पूरा करने की दिशा में एक बड़ा कदम है। इसके जरिए तकनीक का उपयोग करके शिक्षा को अधिक सरल और समावेशी बनाया जा सकेगा। वहीं आईआईटी मद्रास के डायरेक्टर प्रोफेसर वी. कमकोटी ने कहा कि इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी, मद्रास को नेशनल काउंसिल ऑफ एजुकेशनल रिसर्च (NCERT) के साथ मिलकर काम करने की खुशी है। हम मिलकर ऐसा स्वदेशी समाधान तैयार करेंगे जो भारत की डिजिटल और शिक्षण प्रणाली को और अधिक मजबूत बनाएगा।
