उत्तर प्रदेश में सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों की कमी दूर करने के लिए योगी सरकार भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब खाली पदों को भरने के लिए लंबी और जटिल प्रक्रिया के बजाय हर महीने वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे, जिससे डॉक्टरों की नियुक्ति तेज़ी से हो सकेगी। स्वास्थ्य विभाग का मानना है कि इस नई व्यवस्था से अस्पतालों में लंबे समय से खाली पड़े पदों को भरने में मदद मिलेगी और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं मिल सकेंगी।
वॉक इन इंटरव्यू से मिलेगी डॉक्टर्स की नौकरी
अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के तहत अनुबंध आधारित डॉक्टरों की नियुक्ति के लिए नियमित अंतराल पर वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित किए जाएंगे। इससे योग्य MBBS और विशेषज्ञ डॉक्टरों को भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने का अवसर मिलेगा। । पहले चरण में संविदा पर तीन हजार डॉक्टर तैनात करने की योजना है।
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कैसे होगी भर्ती
रिपोर्ट में कहा गया है कि स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव अमित कुमार घोष के निर्देशन में तैयार की गई व्यवस्था में हर वर्ष पहली मई और पहली नवंबर को जनपदवार रिक्त पदों का विवरण पोर्टल पर जारी किया जाएगा। इसके बाद संबंधित जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति प्रत्येक माह की 15 तारीख को वॉक-इन इंटरव्यू आयोजित करेगी।
कितना मिलेगा वेतन
जानकारी के अनुसार, अधिकारियों का मानना है कि हर महीने इंटरव्यू होने से रिक्त पदों को लंबे समय तक खाली नहीं रखना पड़ेगा। वेतन की बात करें तो एमबीबीएस चिकित्सकों को एक लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय दिया जाएगा। विशेषज्ञ चिकित्सकों के लिए 2.5 लाख रुपये प्रतिमाह मानदेय निर्धारित किया गया है।
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नई व्यवस्था में पारदर्शिता और निगरानी पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित बनाने के लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश तैयार किए जा रहे हैं ताकि योग्य अभ्यर्थियों को निष्पक्ष अवसर मिल सके। इससे मरीजों को समय पर इलाज मिलेगा और स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में भी सुधार आएगा।
