पिता किसान, बेटे ने दिव्यांगता को मात देकर क्रैक की यूपीएससी, मां गोद में लेकर जाती थी स्कूल

Divyang Nitish Kumar Success Story: हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव खटोटी कला के रहने वाले दिव्यांग नितीश कुमार ने पांचवी बार में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक कर इतिहास रच (Nitish Kumar Success Story) दिया है। बता दें नितीश के सफलता की कहानी उन लाखों युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है जो परिस्थितियों को कारण बताकर अपने लक्ष्य से पीछे हट (UPSC Success Story) जाते हैं।

Divyang Nitish Kumar Success Story: यदि इरादे मजबूत हों तो शारीरिक सीमाएं भी लक्ष्य में बाधा नहीं बन सकती...यह लाइन हरियाणा के महेंद्रगढ़ जिले के गांव खटोटी कला के रहने वाले दिव्यांग नितीश कुमार पर सटीक (Divyang Nitish Kumar Success Story) बैठती है। नितीश कुमार ने पांचवी बार में संघ लोक सेवा आयोग की सिविल सेवा परीक्षा क्रैक कर इतिहास रच (UPSC Nitish Kumar Success Story) दिया है। नितीश ने शारीरिक रूप से चलने फिरने में असमर्थ होने के बावजूद हार नहीं मानी। नितीश कुमार ने तमाम मीडिया को दिए इंटरव्यू में बताया कि उनका शुरुआती रुझा यूपीएससी की ओर नहीं था वह लॉ करना चाहते थे। लेकिन शारीरिक परिस्थितियो के कारण बाहर जाकर पढ़ना संभव नहीं हो पाया। इसी दौरान उनके जिले में उपआयुक्त आए थे। इस कार्यक्रम से उन्हें काफी प्रेरणा मिली और यहीं से मन बना लिया कि अब उन्हें किसी भी हाल में यूपीएससी क्रैक करना है।

IAS Nitish Kuma Success Story In Hindi

IAS Nitish Kuma Success Story In Hindi: पिता किसान बेटे ने दिव्यांगता को मात देकर क्रैक की यूपीएससी

Divyang Nitish Kumar Success Story: यूपीएससी CSE परीक्षा में ऑल इंडिया रैंक इतनी

नितीश ने यूपीएससी की तैयारी के लिए ऑनलाइन पढ़ाई का अधिक सहारा लिया। उन्होंने अपनी तैयारी पूरे अनुशासन मे पढ़ाई की। वह रोजाना 10 से 11 घंटे नियमित पढ़ाई की। यहां आप यूपीएससी में 847 रैंक लाने वाले नितीश कुमार के सफलता वकी कहानी जान सकते हैं।

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