Jamia Hamdard University Cyber Sheroes Program: इनमोबी, साइबरपीस और जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय ने इंटरनेशनल गर्ल्स इन आईसीटी डे 2025 के उत्सव के दौरान जामिया हमदर्द विश्वविद्यालय में “साइबर शेरोज़” कार्यक्रम लॉन्च किया। “गर्ल्स इन आईसीटी: कोड, सिक्योर, लीड” शीर्षक से आयोजित इस प्रभावशाली सम्मेलन में शिक्षा, प्रशासन और उद्योग जगत की कई प्रमुख हस्तियों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण 'साइबर शेरोज़' की आधिकारिक शुरुआत रही, जो इनमोबी और और ग्लेंस फॉर गुड की पहल है, और इसका उद्देश्य प्रशिक्षण, मार्गदर्शन और ऑन-ग्राउंड सक्रियता के माध्यम से एक सशक्त महिला साइबर डिफेंडर्स का समुदाय बनाना है। कार्यक्रम विशेष रूप से साइबर हाइजीन, थ्रेट रिपोर्टिंग, डिजिटल रेजिलिएंस और समुदाय आधारित साइबर सुरक्षा में लड़कियों को प्रशिक्षित करने के लिए डिज़ाइन किया गया है।
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प्रो. (डॉ.) मोहम्मद अफशार आलम, कुलपति, जामिया हमदर्द ने कहा, “ हमारी बेटियां केवल डिजिटल नेटिव नहीं हैं, बल्कि डिजिटल डिफेंडर्स भी हैं। यह पहल उन्हें साइबर सुरक्षा की अगुवाई करने और दूसरों को प्रेरित करने के लिए तैयार करती है। हम इनमोबी और अपने सभी साझेदारों के प्रति गहरी कृतज्ञता व्यक्त करते हैं, जिन्होंने एक साथ आकर इस आंदोलन को साकार किया। हम उन्हें दिल से बधाई देते हैं।"
'साइबर शेरोज़' कार्यक्रम की निर्माता, इनमोबी की ग्लोबल SVP एवं चीफ कॉरपोरेट अफेयर्स और पॉलिसी ऑफिसर डॉ. सुबी चतुर्वेदी, ने कहा, “डिजिटल दुनिया को रक्षकों की जरूरत है, और 'साइबर शेरोज़' समावेशी नेतृत्व का एक बेहतरीन उदाहरण है। हमारा दायित्व है कि हर लड़की न केवल ऑनलाइन हो, बल्कि सशक्त, प्रशिक्षित और सुरक्षित भी हो। यह पहल आज के समय की आवश्यकता है, और हम जामिया हमदर्द और साइबरपीस के साथ इस देशव्यापी प्रभाव को गहराई और विस्तार से आगे बढ़ाने को लेकर उत्साहित हैं।” उन्होंने आगे कहा, "यह इनमोबी और ग्लेंस फॉर गुड की पहल एक साहसिक और शानदार कदम है, जिसकी आज के समय में लोगों को सच में आवश्यकता है।"
दिल्ली-एनसीआर से 150 से अधिक छात्राओं ने इस कार्यक्रम में भाग लिया, जिसमें कार्यशालाएं, हैंड्स-ऑन ट्रेनिंग और लीडरशिप सर्कल्स शामिल थे। प्रशिक्षण पूर्ण करने वाली 100 छात्राओं को 'साइबर शेरोज़' की उपाधि दी गई, प्रमाण पत्र और ऑनरेरी पिन्स दिए गए। उन्हें स्कूलों और समुदायों में डिजिटल हेल्पडेस्क चलाने और जागरूकता फैलाने के लिए समर्थन दिया जाएगा। इसके साथ ही, साइबर सेफ़्टी एक्सपेर्ट कर्नल संजीव रेलिया द्वारा एक साइबर हाइजीन और डिजिटल टूल्स पर विशेष स्किलिंग वर्कशॉप आयोजित की गई।
साइबरपीस फाउंडेशन के संस्थापक एवं अध्यक्ष मेजर विनीत कुमार, ने कहा, “साइबर शेरोज़ एक ऐसी पीढ़ी तैयार करेगा जो पहले उत्तरदाता बनकर स्वयं के साथ-साथ दूसरों की भी साइबर सुरक्षा कर सकेगी। यह सामुदायिक नेतृत्व आधारित डिजिटल सुरक्षा का एक मॉडल है जिसे हम पूरे भारत में बढ़ावा देने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
एसीपी मनोज कुमार, दिल्ली पुलिस ने ज़ोर देते हुए कहा, “डिजिटल अपराध तेजी से बदल रहे हैं और विशेष रूप से लड़कियों को शुरू से तैयार करना बेहद आवश्यक है। साइबर शेरोज़ पहल हमारे इस लक्ष्य के अनुरूप है कि हम दिल्ली और उसके बाहर भी एक सुरक्षित और समावेशी साइबर वातावरण का निर्माण करें।”
