CBSE Three Language Policy: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 9वीं और 10वीं के छात्रों के लिए नया थ्री लैंग्वेज नियम लागू कर दिया है। यह नियम 1 जुलाई 2026 से लागू होगा। बोर्ड ने यह बदलाव NEP (National Education Policy) 2020 और NCF-SE 2023 के तहत किया है। हालांकि इसको लेकर अब विवाद लगातार बढ़ता ही जा रहा है। सीबीएसई को अब थ्री लैंग्वेज पॉलिसी के विरोध का सामना करना पड़ रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 27 मई 2026, बुधवार को इस नीति को चुनौती देने वाली एक जनहित याचिका पर सुनवाई के लिए सहमति दे दी है।
सीबीएसई थ्री लैंग्वेज पॉलिसी को रोकने के लिए दिग्विजय सिंह ने पीएम मोदी को लिखा पत्र
वहीं अब संसदीय समिति के अध्यक्ष दिग्विजय सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर इस नीति पर रोक लगाने की अपील की है। इस पत्र में सीबीएसई कक्षा 9 के वर्तमान शैक्षणिक सत्र के बीच में तीन-भाषा नीति (Three-Language Policy) को अनिवार्य रूप से लागू किए जाने के फैसले पर रोक लगाने का आग्रह किया है।
थ्री लैंग्वेज नियम को लेकर पत्र में क्या लिखा है
इस पत्र में उन्होंने लिखा है कि अभिभावकों का कहना है कि सत्र के बीच में किसी नई भाषा नीति को लागू करना लाखों छात्रों के लिए शैक्षणिक और प्रशासनिक चुनौतियां पैदा कर सकता है। ज्ञापन में कहा गया है कि पर्याप्त शिक्षकों, आवश्यक पाठ्यपुस्तकों और संक्रमण काल की व्यवस्था किए बिना इस तरह का बड़ा बदलाव लागू करना शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्था उत्पन्न कर सकता है। अभिभावकों ने आशंका जताई है कि यदि तैयारी के बिना इस नीति को लागू किया गया तो इसका प्रभाव देशभर के छात्रों की पढ़ाई पर पड़ सकता है।
पाठ्यपुस्तक उपलब्ध होने के बाद लागू हों ये नियम
ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि दिसंबर 2025 में आयोजित सीबीएसई की गवर्निंग बॉडी की बैठक में पाठ्यक्रम समिति की उस सिफारिश को स्वीकार किया गया था, जिसमें कहा गया था कि भाषाओं से संबंधित नई व्यवस्था तब तक लागू नहीं की जानी चाहिए जब तक संबंधित कक्षाओं की पाठ्यपुस्तकें उपलब्ध नहीं हो जातीं। समिति ने सुझाव दिया था कि उस समय तक विद्यालयों को वर्तमान अध्ययन योजना के अनुसार ही शिक्षण कार्य जारी रखना चाहिए।
मामला सुप्रीम कोर्ट में विचारीधीन है
अभिभावकों ने यह भी कहा है कि वर्तमान में यह मामला न्यायालय के विचाराधीन है और इस पर अंतिम निर्णय 15 जुलाई 2026 को आने की संभावना है। दूसरी ओर विद्यालयों को 1 जुलाई 2026 से नई व्यवस्था लागू करने के लिए कहा गया है। ऐसे में न्यायालय के निर्णय से पहले नीति लागू करने से भ्रम और प्रशासनिक कठिनाइयां पैदा हो सकती हैं।
थ्री लैंग्वेज नियम स्थगित किया जाए
पत्र में मांग की गई है कि वर्तमान कक्षा 9 के छात्रों के लिए थ्री लैंग्वेज नीति के कार्यान्वयन को फिलहाल स्थगित रखा जाए और आवश्यक संसाधनों, शिक्षकों तथा पाठ्यपुस्तकों की उपलब्धता सुनिश्चित होने के बाद ही इसे लागू किया जाए। अभिभावकों का मानना है कि शिक्षा से जुड़े किसी भी बड़े निर्णय को लागू करने से पहले पर्याप्त तैयारी और सभी विशेषज्ञों से परामर्श जरूरी है।
