CBSE 10th Result 2026: केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) ने कक्षा 10वीं बोर्ड परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। सीबीएसई बोर्ड 10वीं का रिजल्ट इस बार 93.70% रहा, जो 2025 (93.66%) से थोड़ा बेहतर है। छात्राओं ने 94.99% के साथ फिर बाजी मारी। दक्षिणी रीजन टॉप पर रहे, जबकि नोएडा का प्रदर्शन गिरकर 87.66% पहुंच गया। रिजल्ट देखने के लिए छात्रों के पास कई विकल्प उपलब्ध हैं। वे आधिकारिक वेबसाइट के अलावा DigiLocker, UMANG App, SMS और IVRS के जरिए भी अपना परिणाम देख सकते हैं। इस वर्ष कुल 93.70% छात्र सफल हुए हैं, जबकि करीब 1.47 लाख छात्रों को कंपार्टमेंट श्रेणी में रखा गया है। कंपार्टमेंट आना असफलता नहीं बल्कि एक दूसरा अवसर है।
CBSE 10th Result 2026: 10वीं में 1.47 लाख छात्रों की कंपार्टमेंट
छात्रों को मिलेगा दूसरा मौका
कंपार्टमेंट का मतलब यह है कि छात्र एक या दो विषयों में पास नहीं हो पाए हैं, लेकिन उन्हें पूरे साल दोबारा पढ़ने की जरूरत नहीं होती। ऐसे छात्रों को संबंधित विषयों में दोबारा परीक्षा देने का मौका दिया जाता है। CBSE ऐसे छात्रों के लिए मई में दूसरी बोर्ड परीक्षा आयोजित करेगा, जिसमें शामिल होकर वे अपने अंक सुधार सकते हैं। सही रणनीति और नियमित तैयारी से छात्र इस चुनौती को आसानी से पार कर सकते हैं।
सीबीएसई सेकेंड बोर्ड एग्जाम
नई व्यवस्था के तहत CBSE ने दूसरी बोर्ड परीक्षा (Second Exam) की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है, जिसके लिए स्कूलों को तय समय सीमा में छात्रों का पंजीकरण करना होगा। CBSE की यह व्यवस्था छात्रों को एक और मौका देकर उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।
मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन
इसके अलावा, बोर्ड ने रिजल्ट के बाद छात्रों के लिए कई सुविधाएं भी दी हैं। यदि कोई छात्र अपने अंकों से संतुष्ट नहीं है, तो वह उत्तर पुस्तिका की कॉपी, मार्क्स वेरिफिकेशन और री-इवैल्यूएशन के लिए आवेदन कर सकता है।
क्या है Two Exam Rule ? (cbse exam rule)
कई बार ऐसा हो जाता है कि छात्र पहली बार में या तो अच्छा परफॉर्म नहीं कर पाते हैं या फिर तबीयत बिगड़ने की वजह से एग्जाम की वैसी तैयारी नहीं कर पाते जैसी कि उन्होंने सोचा हुआ था। तो ऐसे में घबराने या फिर परेशान होने की जरूरत नहीं है। सीबीएसई के नए नियम के मुताबिक बोर्ड परीक्षाएं दो बार करवाई जाती हैं। ऐसे में जो छात्र अपने पहली परीक्षा के नंबर्स से संतुष्ट नहीं हैं वे एग्जाम दोबारा दे सकते हैं। एक बार छात्रों का पेपर खराब हुए तो इसका ये मतलब नहीं है कि पूरा साल ही खराब हो गया। बल्कि छात्र दूसरी परीक्षा देकर ्अपने नंबर्स सुधार सकते हैं और पूरा साल बचा सकते हैं।
