BPSC TRE 4 Controversy: बिहार में शिक्षक भर्ती की तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों का BPSC TRE-4 को लेकर आंदोलन लगातार जारी है। इसका कारण है परीक्षा में कुछ बदलाव किए गए है, जिनका छात्र विरोध कर रहे हैं। इसी बीच BPSC के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह के एक बयान को लेकर विवाद तब और गरमाया गया जब उन्होंने एक परीक्षा परिणाम में हो रही देरी और छात्रों द्वारा उठाई गई आवाज के बाद ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार’ जैसा विवादित बयान जारी कर दिया। हालांकि छात्रों ने तुरंत इस पर नाराजगी जताई, जिसके बाद बीपीएससी एग्जामिनेशन कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह को माफी मांगनी पड़ी। पढ़ें पूरी खबर
'हाथी चले बाजार कुत्ते भौंके हजार' बयान पर गरमाया विवाद, एग्जामिनेशन कंट्रोलर ने मांगी माफी (Image - ChatGPT)
BPSC TRE-4 की आवेदन प्रक्रिया 1 सितंबर 2026 से शुरू होनी है। आयोग ने इस बार शिक्षक भर्ती परीक्षा के पैटर्न में कुछ बदलाव किए हैं। इन्हीं बदलावों को लेकर अभ्यर्थी पिछले सात दिनों से आंदोलन कर रहे हैं। आज 24 अगस्त सोमवार को इस आंदोलन का 7वां दिन है, यानी हफ्तेभर से मुद्दा गरमाता जा रहा है, कि इस बीच बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) के एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह के 'कुत्ते भौंके हजार' वाले बयान ने आग में घी डालने का काम कर दिया।
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कैसे आया ये विवादित बयान?
दरअसल, BPSC की ओर से TRE-4 और 70वीं सिविल सेवा परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर बैठक और प्रेस कॉफ्रेंस की गई। इसमें परीक्षा प्रक्रिया और अभ्यर्थियों की ओर से उठाए जा रहे सवालों पर आयोग की तरफ से जानकारी दी गई। प्रेस कॉफ्रेंस के दौरान 70वीं BPSC परीक्षा में तीसरी रैंक हासिल करने वाले अभ्यर्थी की उत्तर पुस्तिका को लेकर सवाल पूछा गया। एग्जाम कंट्रोलर राजेश कुमार सिंह से सवाल किया गया कि अगर किसी छात्र की ओर से गलत कॉपी दिखाई जा रही है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की जाती?
इस सवाल के जवाब में उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा, ‘हाथी चले बाजार, कुत्ते भौंके हजार।’ इसके बाद उनका यह बयान सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा में आ गया और आंदोलन कर रहे छात्रों ने भी इसका विरोध शुरू कर दिया।
बयान को लेकर आरजेडी नेता तेजस्वी यादव भी छात्रों के समर्थन में सामने आए। गर्दनीबाग स्थित धरना स्थल पर पहुंचे तेजस्वी यादव ने कहा कि छात्रों के लिए कुत्ता-बिल्ली जैसे शब्दों का इस्तेमाल करना उचित नहीं है। उन्होंने एग्जाम कंट्रोलर से इस बयान पर माफी मांगने की बात कही। इधर, आंदोलन कर रहे अभ्यर्थियों ने बयान पर नाराजगी जाहिर करते हुए कहा कि 'युवा ही आगे चलकर अधिकारी बनेंगे'।
क्या कहा एग्जाम कंट्रोलर ने?
उन्होंने कहा, 'मेरे बयान को सोशल मीडिया पर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। मैं कहना चाहता हूं; कि मेरा किसी व्यक्ति विशेष और समूह को ठेस पहुंचाने का इरादा नहीं था। अगर किसी की भावना को इससे ठेस पहुंची है तो मैं इसके लिए खेद व्यक्त करता हूं।'
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