कनाडा, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया और यूनाइटेड किंगडम जैसे देशों में स्टडी वीजा नियमों के कड़े होने का असर अब साफ दिखने लगा है। विदेश में पढ़ाई महंगी और अनिश्चित होती जा रही है, जिसके चलते अब बड़ी संख्या में भारतीय छात्र देश के टॉप प्राइवेट विश्वविद्यालयों- बेनेट यूनिवर्सिटी, अशोका यूनिवर्सिटी और फ्लेम यूनिवर्सिटी की ओर रुख कर रहे हैं। गौरतलब है कि कई वर्षों तक विदेश में पढ़ाई भारतीय छात्रों का बड़ा सपना रहा है। 2022 में 7.5 लाख से अधिक छात्र विदेश गए, जबकि 2023 में यह संख्या 8.5-9 लाख तक पहुंच गई। हालांकि 2024-25 के शुरुआती आंकड़े बताते हैं कि इस ग्रोथ में अब धीमापन आ रहा है। खासतौर पर कनाडा, जहां हर साल 2 लाख से अधिक भारतीय छात्र जाते थे, वहां वीजा से जुड़े नियम सख्त होने की वजह से इसमें कमी आई है। वहीं, यूके ने डिपेंडेंट वीजा पर भी नई पाबंदियां लगाई हैं। इन बदलावों ने छात्रों और अभिभावकों के बीच अनिश्चितता बढ़ा दी है।
Bennett, Ashoka और FLAME यूनिवर्सिटी में बढ़े आवेदन, विदेश में स्टडी वीजा पर सख्ती का असर (Image - AI Generated)
आज छात्र सिर्फ ग्लोबल एक्सपोजर ही नहीं, बल्कि इन बातों पर भी ध्यान दे रहे हैं:
- पढ़ाई की लागत
- सुरक्षा और वीजा में स्थिरता
- ग्रेजुएशन के बाद करियर में अवसर
Bennett University के ग्लोबल प्रोग्राम्स की बढ़ती मांग
बेनेट यूनिवर्सिटी में अंडरग्रेजुएट और पोस्टग्रेजुएट कोर्सेज में आवेदन तेजी से बढ़े हैं। खासकर कंप्यूटर साइंस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, लिबरल आर्ट्स, डिजाइन और ग्लोबल पाथवे प्रोग्राम्स डिमांड में हैं। इन प्रोग्राम्स के तहत छात्र भारत में पढ़ाई शुरू कर विदेशी पार्टनर यूनिवर्सिटी में पूरी कर सकते हैं, जिससे लागत 50% तक कम हो जाती है। इसके अलावा सभी अंडरग्रेजुएट छात्रों के लिए एक सप्ताह का इंटरनेशनल इमर्शन प्रोग्राम भी उपलब्ध है।
Bennett University में लोकप्रिय ग्लोबल पाथवे प्रोग्राम्स:
- डिजाइन: B.Des (फैशन डिजाइन) ग्लोबल (2+2) – Kent State University, USA
- इंजीनियरिंग: B.Tech (CSE) ग्लोबल (2+2) – Iowa State University, USA
- B.Tech (CSE) ग्लोबल (2+2 या 3+1) – University of Essex, UK
- लिबरल आर्ट्स: B.A. (लिबरल आर्ट्स) ग्लोबल (2+1) – University of Essex, UK
- मैनेजमेंट: BBA ग्लोबल (2+1) – University of Essex, UK
- मीडिया: B.A. (फिल्म, टीवी & वेब सीरीज / मास कम्युनिकेशन) ग्लोबल (2+1) – University of Essex, UK
- थ्री-कंट्री प्रोग्राम्स: B.Tech (CSE) ग्लोबल (2+1+1) – University of Birmingham, UK
बेनेट यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर डॉ. राज सिंह ने कहा, “वास्तविक दुनिया का अनुभव छात्रों को जॉब-रेडी बनाने की कुंजी है। बेनेट में हमारा फोकस एक्सपीरिएंशियल लर्निंग पर है, साथ ही शिक्षा, रिसर्च और इनोवेशन में हमारी मजबूत पकड़ इस बदलाव को आगे बढ़ा रही है। यूनिवर्सिटी खुद को एक इनोवेशन हब के रूप में विकसित कर रही है, और हम देख रहे हैं कि जिन छात्रों को विदेश से एडमिशन ऑफर मिल चुके हैं, वे भी अब भारत में उपलब्ध बढ़ते ग्लोबल एक्सपोजर के कारण बेनेट यूनिवर्सिटी को चुन रहे हैं।”
बेनेट यूनिवर्सिटी की वाइस प्रेसिडेंट (एडमिशन) हितांक्षी ठुकराल ने बताया, “वैश्विक वीजा अनिश्चितताओं और जियोपॉलिटिकल चुनौतियों के बीच, अधिक छात्र अब विदेश जाने के बजाय भारत के गुणवत्तापूर्ण विश्वविद्यालयों को चुन रहे हैं। बेनेट यूनिवर्सिटी में हम AI, ग्लोबल पाथवे, थ्री-कंट्री प्रोग्राम्स और इंडस्ट्री-इंटीग्रेटेड कोर्सेज जैसे फ्यूचर-फोकस्ड प्रोग्राम्स की मजबूत मांग देख रहे हैं, जो छात्रों को ग्लोबल एक्सपोजर के साथ बेहतर करियर अवसर प्रदान करते हैं।”
Ashoka University में हाई-क्वालिटी एप्लिकेंट्स का इजाफा
अशोका यूनिवर्सिटी में भी ऐसे छात्रों की संख्या बढ़ रही है, जिन्हें पहले विदेशी विश्वविद्यालयों से ऑफर मिल चुका था। यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर Somak Raychaudhury के अनुसार, जिन कई छात्रों को अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों से एडमिशन ऑफर मिले थे, वे अब अशोका यूनिवर्सिटी को चुन रहे हैं। यह भारत में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता के प्रति बढ़ते विश्वास को दर्शाता है। यहां फिक्स 2+2 प्रोग्राम्स नहीं हैं, बल्कि छात्रों को मिलते हैं:
- सेमेस्टर या सालभर के स्टडी अब्रॉड विकल्प
- शॉर्ट-टर्म समर प्रोग्राम्स
- ग्लोबल रिसर्च अवसर
- पोस्टग्रेजुएशन के लिए विदेश गाइडेंस
FLAME University अपने “ग्लोबल कनेक्ट” प्रोग्राम के जरिए छात्रों को अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर देता है। इसकी मुख्य विशेषताएं हैं-
- सेमेस्टर या सालभर के स्टडी अब्रॉड विकल्प
- शॉर्ट-टर्म समर प्रोग्राम्स
- ग्लोबल रिसर्च अवसर
- पोस्टग्रेजुएशन के लिए विदेश गाइडेंस
मुख्य विशेषताएं
- एक सेमेस्टर के लिए विदेश में पढ़ाई
- शॉर्ट समर प्रोग्राम्स
- एक वर्ष पूरा करने के बाद आवेदन की सुविधा
चयन प्रक्रिया
- अकादमिक प्रदर्शन और क्रेडिट्स
- स्टेटमेंट ऑफ पर्पस (SOP)
- रिज्यूमे
- इंटरव्यू (कुछ मामलों में)
विश्वविद्यालय द्वारा देखे गए ट्रेंड्स
- मेट्रो शहरों के छात्र अब अधिक रणनीतिक फैसले ले रहे हैं और घर के पास रहते हुए ग्लोबल एजुकेशन के विकल्प तलाश रहे हैं।
- छोटे शहरों के छात्र किफायती और स्थिर विकल्पों को प्राथमिकता दे रहे हैं।
लागत, सुरक्षा और ROI का महत्व
अब छात्र और उनके परिवार निवेश पर रिटर्न (ROI) पर अधिक ध्यान दे रहे हैं। केवल प्रतिष्ठा के आधार पर विश्वविद्यालय चुनने के बजाय, वे अब यह सवाल पूछ रहे हैं:
- क्या डिग्री की लागत वाजिब है?
- क्या इससे बेहतर करियर अवसर मिलेंगे?
- क्या यह एक सुरक्षित और स्थिर विकल्प है?
भारतीय प्राइवेट विश्वविद्यालयों की लोकप्रियता बढ़ रही है क्योंकि वे निम्नलिखित सुविधाएं दे रहे हैं:
- वैश्विक स्तर के अनुरूप कोर्स
- अंतरराष्ट्रीय एक्सपोजर
- प्लेसमेंट के मौके
अस्थायी बदलाव या लंबी अवधि का ट्रेंड?
विशेषज्ञों का मानना है कि वीजा प्रतिबंधों ने इस बदलाव को तेज किया है, लेकिन यह लंबे समय तक जारी रह सकता है। छात्र अब भारत में उपलब्ध शिक्षा की गुणवत्ता को बेहतर समझ रहे हैं और अधिक सोच-समझकर निर्णय ले रहे हैं। हालांकि कुछ विशेषज्ञों का यह भी मानना है कि इसे स्थायी बदलाव कहना अभी जल्दबाजी होगी, क्योंकि भविष्य में वैश्विक नीतियां स्थिर हो सकती हैं।
भारतीय विश्वविद्यालयों के लिए बड़ा मौका
यह बदलाव बेनेट यूनिवर्सिटी, अशोका यूनिवर्सिटी और फ्लेम यूनिवर्सिटी जैसे संस्थानों के लिए बड़ा अवसर लेकर आया है। अब वे अधिक क्वालिटी और ग्लोबली अवेयर छात्रों को आकर्षित कर रहे हैं, लेकिन इसके साथ अपेक्षाएं भी बढ़ रही हैं। विशेषज्ञों के अनुसार, भविष्य उन्हीं संस्थानों का है जो वैश्विक स्तर की शिक्षा के साथ भारत की जरूरतों के अनुसार खुद को ढाल सकें। फ्लेम यूनिवर्सिटी के प्रो-वाइस चांसलर एम.ए. वेंकटरमनन (M. A. Venkataramanan) ने कहा कि भविष्य उन्हीं संस्थानों का है, जो भारत की जरूरतों के अनुरूप रहते हुए वैश्विक स्तर की गुणवत्ता वाली शिक्षा प्रदान कर सकें।
