APJ Abdul Kalam Biography, Jeevan Parichay In Hindi (एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी): भारत के मिसाइल मैन के नाम से मशहूर डॉ एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से आप सभी लोग (APJ Abdul Kalam Biography In Hindi) परिचित होंगे। उनका पूरा नाम डॉ अवुल पकिर जैनुलाब्दीन अब्दुल कलाम था। वह न केवल भारत के 11वें राष्ट्रपति बल्कि एक प्रसिद्ध वैज्ञानिक और (APJ Abdul Kalam Jeevan Parichay) शिक्षक भी थे। कलाम साहब को साइंस की दुनिया में मिसाइल मैन का नाम मिला था, तो राजनीतिक गलियारों में उनकी पहचान पीपल्स प्रेसिडेंट के तौर पर बनीं। उन्हें शिक्षा और युवा सशक्तिकरण पर जोर देने के लिए भी जाना जाता था। कलाम साहब लगभग चार दशक तक भारतीय रक्षा अनुसंधान एवं विकास संस्थान (DRDO) और भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) में काम किया। इसरो में उन्होंने परियोजना निदेशक के तौर पर भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान एसएलवी-3 के निर्माण में महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई।
APJ Abdul Kalam Biography In Hindi: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम का जीवन परिचय
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम 27 जुलाई 2015 को इस दुनिया को अलविदा कह गए थे। आईआईएम शिलांग में लेक्चर देते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया था। आज यानी 27 जुलाई को कलाम साहब की 11वीं पुण्यतिथि मनाई जा रही है। ऐसे में यहां आप हम आपके लिए डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी लेकर आए हैं।
APJ Abdul Kalam Biography In Hindi: डॉ एपीजे अब्दुल कलाम की जीवनी
बता दें डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम का जन्म 15 अक्टूबर 1931 को तमिलनाडु के रामेश्वरम में हुआ था। उनके पिता का नाम जैनुलाबदीन और मां का नाम आशियम्मा था। डॉ. कलाम अपने पांच भाई-बहनो में सबसे छोटे थे। उनका बचपन संघर्षों से भरा था। वह अपनी पढ़ाई के लिए लंबी दूरी पैदल चलकर जाते थे और अपने पारिवार की आर्थिक मदद के लिए शहर में अखबार भी बांटते थे। हालांकि, छोटी उम्र से ही उन्हें हवाई जहाज, रॉकेट और अंतरिक्ष में गहरी रुचि थी। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा रामेश्वरम में प्राप्त की। इसके बाद तिरुचिरापल्ली के सेंट जोसेफ कॉलेज से भौतिक विज्ञान में स्नातक किया। आगे चलकर उन्होंने मद्रास इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (MIT) से एयरोस्पेस इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की। पढ़ाई के दौरान ही उनका झुकाव विज्ञान और अंतरिक्ष अनुसंधान की ओर बढ़ गया था।
डॉ एपीजे अब्दुल कलाम को क्यों कहा जाता है मिसाइल मैन ऑफ इंडिया
अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद डॉ एपीजे अब्दुल कलाम ने रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) में अपने करियर की शुरुआत की। कुछ वर्षों बाद वे भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) से जुड़े। यहां उन्होंने भारत के पहले स्वदेशी उपग्रह प्रक्षेपण यान (SLV-3) के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस परियोजना की सफलता ने भारत को अंतरिक्ष विज्ञान के क्षेत्र में नई पहचान दिलाई। बाद में उन्होंने रक्षा क्षेत्र में कई महत्वपूर्ण मिसाइल परियोजनाओं जैसे अग्नि और पृथ्वी जैसी मिसाइलों का नेतृत्व किया हैं। यही कारण है कि उन्हें मिसाइल मैन ऑफ इंडिया कहा जाता है।
डॉ. कलाम ने भारत की रक्षा क्षमता को मजबूत बनाने में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। वर्ष 1998 में राजस्थान के पोखरण में हुए परमाणु परीक्षण में उन्होंने प्रमुख वैज्ञानिक के रूप में अहम भूमिका निभाई। इस सफल परीक्षण के बाद भारत विश्व के शक्तिशाली परमाणु संपन्न देशों की सूची में मजबूती से स्थापित हुआ। उनकी वैज्ञानिक सोच, दूरदृष्टि और नेतृत्व क्षमता की देश विदेश में सराहना हुई।
2002 से 2007 तक रहे राष्ट्रपति
इसके बाद डॉ. कलाम ने 2002 से 2007 तक भारत के 11वें राष्ट्रपति का पद भी संभाला था। उन्होंने राष्ट्रपति का अपना कार्यकाल पूरा करने के अगले ही दिन शिक्षण पेशा फिर से शुरू कर दिया था। उन्होंने कई स्कूलों और कॉलेजों का दौरा किया और छात्रों से मुलाकात की। वह हमेशा छात्रों को बड़े सपने देखने और विज्ञान और प्रौद्योगिकी में करियर बनाने के लिए प्रोत्साहित करते थे। ऐसे महान व्यक्तित्व डॉ. ए.पी.जे. अब्दुल कलाम का 27 जुलाई 2015 (APJ Abdul Kalam Death Date and Place) का एक लेक्चर देते समय दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया।
30 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से मानद डायरेक्टरेट की उपाधि
आपको शायद ही पता होगा कि डॉ. कलाम भारत के सबसे प्रतिष्ठित वैज्ञानिकों में से एक थे, जिन्हें 30 विश्वविद्यालयों और संस्थानों से मानद डॉक्टरेट की उपाधि प्राप्त करने का अनूठा सम्मान प्राप्त है। अपने साहित्यिक प्रयासों के तहत डॉ. कलाम ने चार पुस्तकें - 'विंग्स ऑफ फायर', 'इंडिया 2020 - ए विजन फॉर द न्यू मिलेनियम', 'माई जर्नी' और 'इग्नाइटेड माइंड्स - अनलीशिंग द पावर विदिन इंडिया' लिखी थीं। डॉ. कलाम को प्रतिष्ठित नागरिक पुरस्कार पद्म भूषण (1981) और पद्म विभूषण (1990) और सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार भारत रत्न (1997) से सम्मानित किया जा चुका है।
