इसमें कोई शक नहीं है कि UPSC को भारत में सबसे कठिन परीक्षा माना जाता है। इसी बात को साबित करते हुए ChatGPT भी UPSC की परीक्षा पास करने में असफल रहा है। चैटजीपीटी (चैट जनरेटिव प्री-ट्रेन्ड ट्रांसफॉर्मर) को दिए गए इनपुट के आधार पर मानव-जैसे लेख के लिए डिजाइन किया गया है। रिपोर्ट बताती है कि चैटजीपीटी यूपीएससी प्रारंभिक परीक्षा में असफल रहा है। एआई चैटबॉट यूपीएससी प्रीलिम्स 2022 के प्रश्न पत्र 1 (सेट ए) के 100 में से केवल 54 प्रश्नों का उत्तर दे सका। बीते साल के कट-ऑफ को ध्यान में रखते हुए, यूपीएससी परीक्षा में असफल रहा।
ChatGPT AI सिस्टम हुआ फेल
OpenAI का दावा है कि ChatGPT को साल 2021 के बाद की दुनिया और घटनाओं का सीमित ज्ञान है। AIM का दावा है कि उन्होंने आगे बढ़कर UPSC प्रीलिम्स 2022 के प्रश्न पत्र 1 (सेट A) के सभी 100 प्रश्नों को ChatGPT भेजा। आश्चर्यजनक रूप से AI चैटबॉट ChatGPT 100 प्रश्नों में से केवल 54 के उत्तर दे सका। ।
एआई चैटबॉट चैटजीपीटी से भूगोल, अर्थव्यवस्था, इतिहास, पारिस्थितिकी, सामान्य विज्ञान और करंट अफेयर्स जैसे कई विषयों से प्रश्न पूछे गए थे। रिपोर्ट बताती है कि चूंकि करेंट अफेयर्स के प्रश्न भी 2022 पर आधारित थे, इसलिए ChatGPT जवाब देने में असफल रहा। हालांकि रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि ChatGPT ने सामान्य विज्ञान, भूगोल और अर्थव्यवस्था जैसे वर्गों के विषयों के गलत उत्तर दिए।
एक अन्य अपडेट में ChatGPT, AI टूल को कई संस्थानों की ओर से प्रतिबंधित कर दिया गया है। ChatGPT, चैट फ्रेंडली AI बॉट ने अपनी विचित्र कमेंट, इंस्टेंट टूल और छात्रों को उनके होमवर्क असाइनमेंट में मदद करने के लिए सुर्खियां बटोरी हैं। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, सीबीएसई बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और बोर्ड ने बोर्ड परीक्षा दिशानिर्देशों यानी गाइडलाइंस का एक सेट जारी किया है। बोर्ड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित चैटजीपीटी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी है।
