Rajasthan University Convocation 2024: राजस्थान विश्वविद्यालय का 33 वां दीक्षांत समारोह, 126 छात्रों को मिले गोल्ड मेडल

Rajasthan University Convocation 2024: बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालय के 33वें दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। इस दौरान विभिन्न संकायों के 467 विद्यार्थियों को पी. एच. डी. की उपाधि व विभिन्न परीक्षाओं में सर्वोच्च अंक प्राप्त करने वाले 126 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। उन्होंने 102 स्वर्णपदक छात्राओं को और 24 स्वर्ण पदक छात्रों को प्रदान किए।

Rajasthan University Convocation 2024: राज्यपाल एवं कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कहा है कि कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समक्ष मानवीय मूल्य बचाए रखने की आज बड़ी चुनौती है। अंधाधुंध जल-दोहन से राजस्थान ही नहीं देशभर में जल संकट की स्थितियां बन रही हैं। विश्वविद्यालय इन चुनौतियों के आलोक में शैक्षिक पहल करते हुए कार्य करे। उन्होंने कहा कि वही शिक्षा सार्थक है जो विद्यार्थी को पाठ्यपुस्तकों के साथ परिवेश की समझ से जोड़े। उन्होंने कहा कि रटन्त शिक्षा डिग्री प्रदान कर सकती है पर जीवन में आगे नहीं बढ़ा सकती। कलराज मिश्र बुधवार को राजस्थान विश्वविद्यालयके 33वें दीक्षांत समारोह और वहां निर्मित संविधान पार्क के लोकार्पण पश्चात आयोजित कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने सभी विश्वविद्यालयों को नई शिक्षा नीति को पूरी तरह से अपने यहां लागू करने और ऐसे पाठ्यक्रम बनाने पर जोर दिया जिनसे भारत विकास की राह पर तेजी से अग्रसर हो सके। उन्होंने कहा कि संविधान से जुड़ी सोच देश के उज्ज्वल भविष्य के लिए आवश्यक उपकरण है। उच्च शिक्षा प्राप्त करने वाली नई पीढ़ी संविधान के मर्म को समझे, इसी उद्देश्य से राजभवन की पहल पर विश्वविद्यालयों में संविधान पार्क निर्मित करने की पहल हुई है।उन्होंने संविधान की मूल प्रति पर उकेरे चित्रों की चर्चा करते हुए कहा कि भारतीय संस्कृति के उदात्त मूल्यों को इनसे समझा सकता है। उन्होंने कहा कि डॉ. राजेंद्र प्रसाद ने शांति निकेतन के प्रसिद्ध कलाकार नंदलाल बोस को बुलाकर संविधान की मूल प्रति पर रेखांकन करवाए। इसमें राजस्थान के कलाकार स्व. कृपाल सिंह शेखावत की भी महती भूमिका रही है।

End of Feed