Woman Dragged on Car Bonnet: हरियाणा के सोनीपत में एक विधवा महिला के साथ हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। अपने बच्चों को बचाने गई महिला को कुछ युवकों ने कार से टक्कर मार दी, जिससे वह बोनट पर गिर गई और युवक करीब एक किलोमीटर तक उसे घसीटते हुए गाड़ी दौड़ाते रहे। गाड़ी धीमी होते ही महिला ने किसी तरह कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना के बाद महिला ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उसका कहना है कि पुलिस न केवल मामले को दबाने की कोशिश कर रही है बल्कि केस बंद करने और राजीनामा करने का दबाव भी बना रही है।
महिला को कार के बोनट पर घसीटा
मामूली विवाद में हुआ बड़ा झगड़ा
सोनीपत के सेक्टर-15 में रहने वाली पूजा नाम की महिला ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनके बेटे ऋषभ (10वीं कक्षा) और रिधम (12वीं कक्षा) का इंस्टाग्राम पर मॉडल टाउन निवासी सात्विक नाम के लड़के से विवाद हो गया था। दोनों एक-दूसरे को फॉलो करते थे, लेकिन एक आपत्तिजनक टिप्पणी को लेकर कहासुनी हो गई। रिधम ने सात्विक को फोन कर समझाया कि इस तरह की बातें शोभा नहीं देती। लेकिन सात्विक ने उन्हें मॉडल टाउन बुलाकर बातचीत करने की बात कही। जब दोनों भाई वहां पहुंचे तो पहले से ही सात्विक अपने दोस्तों के साथ खड़ा था और उनकी पिटाई कर दी।
घर आकर बच्चों ने अपनी मां पूजा को पूरी घटना बताई। शाम को सात्विक के भाई ने फोन कर उल्टा ऋषभ और रिधम पर झगड़े का आरोप लगाया। इस पर पूजा ने कहा कि अगर उनके बच्चों ने गलती की है तो वह खुद उन्हें डांटेगी और समझाएगी। रात 1:30 बजे धमकी भरा फोन आया। पूजा का आरोप है कि रात करीब 1:30 बजे सात्विक के पिता ने फोन किया और गालियां देते हुए जान से मारने की धमकी दी।
रविवार को दिनदहाड़े बेटे पर हमला
रविवार को महिला का बेटा ऋषभ दूध लेने के लिए सेक्टर-15 की मार्केट गया था। दूध खरीदने के बाद वह DAV स्कूल के पास अपने दोस्त का इंतजार कर रहा था। तभी सात्विक अपने दोस्तों के साथ कार में वहां आया और ऋषभ पर हमला कर दिया। डरकर ऋषभ ने अपनी मां को फोन किया। पूजा तुरंत अपने रिश्तेदारों के साथ मौके पर पहुंचीं और अपने बेटे को बचाने की कोशिश की। जब पूजा ने कार सवार हमलावरों को रोकना चाहा तो उन्होंने उसे टक्कर मार दी जिससे वह गाड़ी के बोनट पर गिर गई और करीब 1 किलोमीटर तक हमलावर कार बोनट पर ही उसे दौड़ाते रहे।
जब गाड़ी की स्पीड थोड़ी धीमी हुई तो पूजा ने हिम्मत दिखाते हुए खुद को गिरा लिया और किसी तरह अपनी जान बचाई। वहीं पीछे से सात्विक के परिजन दूसरी कार में आए और दोबारा उनके बेटे ऋषभ पर हमला कर दिया।
केस बंद करने का दबाव डाल रही पुलिस
इसके बाद पूरा परिवार सिविल अस्पताल में एमएलआर कटवाने गया। लेकिन वहां भी सात्विक के परिजन पहुंचे और गाली-गलौज कर धमकी देने लगे। महिला ने आरोप लगाया है कि घटना के दौरान उन्होंने बार-बार डायल 112 पर फोन किया और अपनी जान का खतरा बताया। लेकिन स्थानीय थाना पुलिस मौके पर नहीं पहुंची। घटना के बाद पूजा ने बताया कि उसके बेटे को गंभीर चोटें आई थीं, जिसके कारण उसे एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। इसी दौरान पुलिस लाइन से किसी पुलिस कर्मचारी का फोन आया और महिला को थाने बुलाया।
पूजा ने बताया कि उसने पुलिस से कहा कि उसका बेटा अस्पताल में भर्ती है और उसे चक्कर आ रहे हैं, इसलिए वह अभी नहीं आ सकती। इस पर पुलिस अधिकारी ने कहा कि अगर आप नहीं आएंगी तो केस क्लोज कर देंगे। महिला ने आरोप लगाया कि पुलिस की तरफ से मामले को रफा-दफा करने का दबाव बनाया जा रहा है। पूजा ने साफ कहा है कि अगर स्थानीय पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो वह पुलिस कमिश्नर के पास जाकर शिकायत करेगी। घटना के दौरान पुलिस को कई बार फोन किया गया, लेकिन कोई मदद नहीं मिली। पूजा पर हमले और बेटे की पिटाई के बावजूद पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की। पुलिस की ओर से केस क्लोज करने और समझौते का दबाव बनाया जा रहा है।
